Uttarakhand News 06 Mar 2026: दून संभाग के चार जनपदों देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी में अब वाहनों का रंग बदलना आसान नहीं होगा। परिवहन विभाग ने इसके लिए स्पष्ट प्रक्रिया तय करते हुए निर्देश दिए हैं कि बिना निर्धारित औपचारिकता पूरी किए किसी भी वाहन का रंग परिवर्तित नहीं किया जा सकेगा।
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संदीप सैनी की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि समय-समय पर वाहन स्वामियों की ओर से अपने वाहनों का रंग बदलने के लिए आवेदन किए जाते हैं। इस संबंध में उत्तराखंड के अपर परिवहन आयुक्त की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके आधार पर अब वाहन का रंग परिवर्तन की नई प्रक्रिया लागू की जाएगी।
प्रारूप-22टी में करना होगा आवेदन
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मोटरयान अधिनियम के प्रविधानों के तहत ही वाहनों के रंग परिवर्तन की अनुमति होगी। इसके लिए वाहन स्वामी को केंद्रीय मोटरयान नियमावली के तहत निर्धारित प्रारूप-22टी में आवेदन करना होगा। निर्देशों के अनुसार वाहन का रंग बदलने से पहले संबंधित बीमा कंपनी से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही आवेदन पत्र के साथ वाहन की डीएलआरसी या एनसीआरसी रिपोर्ट भी संलग्न करनी होगी।
वाहन स्वामी को यह शपथपत्र भी देना होगा कि वाहन किसी प्रकार के विवाद या वाद में शामिल नहीं है। इसके अलावा वाहन का वही रंग परिवर्तित किया जा सकेगा जो उस माडल के लिए निर्माता कंपनी ने अधिकृत किया हुआ होगा। इस संबंध में वाहन के अधिकृत डीलर से अनापत्ति प्रमाणपत्र भी लेना होगा।
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही रंग परिवर्तन की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद अधिकृत डीलर द्वारा जीएसटी बिल के साथ प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जिसे वाहन के पंजीयन प्रमाणपत्र में दर्ज किया जाएगा। आरटीओ ने सभी परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए और बिना अनुमति या नियमों के उल्लंघन कर रंग परिवर्तन करने के मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जाए।










