Uttarakhand News 5 Dec 2025: देहरादून: साइबर ठगों ने बैंक आफ इंडिया से स्पेशल असिस्टेंट पद से सेवानिवृत्त अधिकारी को लाइफ सर्टिफिकेट बनाने का झांसा देकर उनके खाते से 8.42 लाख रुपये निकाल लिए।
वरिष्ठ नागरिक ने खाते में यह रकम गांव में ताऊ की लड़की की शादी के लिए रखे हुए थे। वरिष्ठ नागरिक जब साइबर ठगों से बात कर रहे थे तो उनकी पत्नी कहती रही कि फ्राड काल है, लेकिन उन्होंने पत्नी की बात नहीं मानी और खाते की पूरी गोपनीय जानकारी साइबर ठग को दे दी।
आरकेडिया ग्रांट प्रेमनगर निवासी प्रेम सिंह ने बताया कि वह बैँक आफ इंडिया से सेवानिवृत्त हुए हैं। 27 नवंबर को उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति ने काल किया।
व्यक्ति ने खुद को बैंक आफ इंडिया का कर्मचारी बताया और कहा कि आपके द्वारा बैंक मे जो लाइफ सर्टिफिकेट जमा किया गया था, उसको बैंक ने निरस्त कर दिया है। अब आपको उसको आनलाइन जमा करना होगा ।
इसके बाद उन्होंने खाते से संबंधित व डेविट कार्ड की जानकारी मांगी तो विश्वास करके उन्होंने खाते से संबंधित पूरी जानकारी बता दी।
इसके बाद ठग ने बैंक आफ इंडिया लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट आनलाइन एपीके फाइल भेजी और एप्लीकेशन डाउनलोड करवाकर खातों से संबंधित जानकारी भरवाई। थोड़ी देर बाद कहा कि हमने आपका लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कर दिया है। ठग ने 28 नवंबर को दोबारा काल करने के लिए कहा लेकिन काल नहीं किया।
शक होने पर 28 नवंबर को वह बैंक पहुंचे और अपने खातों का बैलेंस चेक किया तो पता चला कि फोन करने वाले व्यक्ति ने उनके तीन खातों से 8.42 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रासफर कर दिए। इसके बाद उन्हें पता चला कि वह ठगी के शिकार हो गए हैं।
साइबर ठगी से ऐसे बचें
बैंक या जीवन प्रमाण पाेर्टल कभी भी ओटीपी नहीं मांगते। फोन पर मांगने वाले ठग होते हैँ।
वाट्सएप, एसएमएस, ईमेल पर आने वाले लिंक से दूर रहें। केवल अधिकारिक साइट व एप का उपयोग करें
उंगलियों के निशान किसी को न दें। ठग इसका दुरुपयोग कर सकते हैं।
बैँक खाता नंबर, आधार नंबर, पेंशन पीपीओ नंबर फोन पर न दें
जीवन प्रमाण पत्र केवल सरकारी व अधिकृत स्थान पर बनवाएं
पेंशन बंद हो जाएगी या तुरंत आधार अपडेट कराओ जैसी काल ठगी का तरीका होती है।










