Uttarakhand News 08 May 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) रुड़की में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को सेंटर फार रेगुलेटरी अफेयर्स का उद्घाटन किया।

इस सेंटर की स्थापना भारत के विद्युत क्षेत्र के नियामकीय पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सेंटर फोरम आफ रेगुलेटर्स और आइआइटी रुड़की की संयुक्त पहल है।

संस्थान के ओपी जैन सभागार में शुक्रवार को सेंटर फार रेगुलेटरी अफेयर्स का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह आइआइटी रुड़की के सहयोग से स्थापित किया जाने वाला दूसरा ऐसा केंद्र है।

इससे पहले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली, केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग और ग्रिड कंट्रोलर आफ इंडिया लिमिटेड के सहयोग से इसी तरह का एक सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया था। जिसका उद्देश्य क्षेत्र में अनुसंधान, क्षमता निर्माण एवं नियामकीय उत्कृष्टता को और सुदृढ़ करना है।

उन्होंने कहा कि यह सेंटर तेजी से विकसित हो रहे विद्युत क्षेत्र में भारत की नियामकीय क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जहां बढ़ती विद्युत मांग, बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण, विस्तारित विद्युत बाजार और डिजिटल प्रौद्योगिकियों का बढ़ता उपयोग प्रमुख विशेषताएं हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सेंटर रेगुलेटरी सैंडबाक्सिंग और डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा को आगे बढ़ाएगा। साथ ही, आने वाले समय में इन्हें विद्युत क्षेत्र के रणनीतिक उपकरणों के रूप में विकसित करने में सहायता करेगा।

केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष जिष्णु बरुआ ने कहा कि फोरम आफ रेगुलेटर्स इस केंद्र को व्यापक भारतीय उद्योग के लिए नियामकीय क्षमता निर्माण के एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित होते देखना चाहता है।

उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, प्रकाशनों और ज्ञान संसाधनों के माध्यम से यह केंद्र एक बड़े, जटिल और तेजी से विकसित हो रहे विद्युत क्षेत्र के प्रबंधन में भारत के अनुभव और विचार नेतृत्व को प्रदर्शित कर सकता है।

आइआइटी रुड़की के निदेशक प्रो. केके पंत ने कहा कि सेंटर फार रेगुलेटरी अफेयर्स एक बहु-विषयक मंच के रूप में कार्य करेगा। जो ऊर्जा संक्रमण एवं अवसंरचना प्रशासन से जुड़ी उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए अकादमिक जगत, नियामकों, नीति निर्माताओं एवं उद्योग को एक साथ जोड़ेगा।

राष्ट्रीय स्तर के केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना
सेंटर फार रेगुलेटरी अफेयर्स को नियामकीय अनुसंधान, क्षमता निर्माण, परामर्श सहयोग एवं ज्ञान प्रसार के लिए राष्ट्रीय स्तर के केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की परिकल्पना की गई है।

एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान के अंतर्गत इस केंद्र की स्थापना तथा फोरम आफ रेगुलेटर्स के साथ निकट सहयोग के माध्यम से इसे संचालित करने की व्यवस्था नीति, विनियमन एवं शैक्षणिक अनुसंधान को एकीकृत संस्थागत ढांचे में जोड़ती है।

नियामकीय ढांचों की समझ को करेगा और गहरा
यह केंद्र केंद्रीय एवं राज्य आयोगों और अन्य प्रमुख हितधारकों के बीच नियामकीय ढांचों की समझ को और गहरा करेगा। डिस्काम की वित्तीय व्यवहार्यता, ऊर्जा बाजार, ऊर्जा संक्रमण तथा लागत अनुकूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अध्ययन एवं अंतरालों की पहचान करेगा।

ऊर्जा योजना एवं विनियमन में उच्च शिक्षा कार्यक्रम
यह केंद्र अग्रणी संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देगा। प्रशिक्षण एवं सेमीनार आयोजित करेगा। ऊर्जा योजना एवं विनियमन में स्नातकोत्तर डिग्री सहित उच्च शिक्षा कार्यक्रम संचालित करेगा। जिससे क्षेत्र के लिए कुशल पेशेवरों का एक सशक्त समूह तैयार किया जा सके।