Uttarakhand News 10 Dec 2025: देहरादून। न्यायालय अपर जिला एवं सेशन जज फास्ट ट्रैक कोर्ट (पोक्सो) रजनी शुक्ला की अदालत ने देह व्यापार के एक मामले में साक्ष्यों के अभाव के चलते होटल के मैनेजर व दो ग्राहकों को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष देह व्यापार में बरामद पीड़ितों को कोर्ट में पेश नहीं कर पाई वहीं होटल के मालिक को भी आरोपित नहीं बनाया। अब अदालत ने जिलाधिकारी व एसएसपी को आदेश जारी किए हैं कि होटल मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई करने और विवेचक को इस तरह की लापरवाही न बरती जाए।

27 जनवरी 2018 को एसआइ प्रदीप रावत ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट विकासनगर के साथ सम्राट होटल पहुंचे जहां देह व्यापार का कार्य चल रहा था। पुलिस टीम होटल में पहुंची तो यहां एक कमरे में एक व्यक्ति को आपत्तिजनक स्थिति में पाया, जोकि पुलिस को देख दरवाजे के पीछे छिप गया।

उसके साथ बिस्तर में एक महिला भी थी, जिसने बताया कि वह बंगाल की रहने वाली है। आरोपित ने अपना नाम हरि किशोर निवासी छपरा बिहार वर्तमान निवासी विकासनगर बताया। आरोपित की जेब से आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुआ। वहीं दूसरे कमरे में एक लड़की बरामद हुई, जिसने खुद को गौतमबुद्ध नगर का बताया।

पूछताछ में दोनों महिलाओं ने बताया कि नावेद अली नाम का व्यक्ति उन्हें कपड़े सिलाई का कार्य करने के नाम पर लाया है व उनसे गलत काम करवाने लगा। कुछ ही देर बाद पुलिस ने होटल पहुंचे नावेद अली निवासी गौतमबुद्धनगर को पकड़ लिया। उसने खुद को होटल का कर्मचारी बताया और कहा कि वह सस्ते रेट पर कमरे उपलब्ध करवाता है और इसके लिए पहचानपत्र भी नहीं देना पड़ता।

होटल के आगंतुक कक्ष में बैठे मैनेजर सूरत सिंह निवासी त्यूनी से जब आगंतुक रजिस्टर मंगाया गया तो उसमें कोई एंट्री नहीं पाई गई। इस मामले में पुलिस ने 27 जनवरी 2018 को तीनों आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया।

इस मामले की विवेचना उपाधीक्षक शिशुपाल सिंह नेगी, एसआइ स्मृति रावत व निरीक्षक महेश जोशी ने की। विवेचकों ने 28 मार्च 2019 को आरोपपत्र दाखिल किया। इस मामले में पुलिस होटल से बरामद दोनों पीड़ितों को कोर्ट में पेश नहीं कर पाई, क्योंकि वह विकासनगर से जा चुकी थी। दोनों की तलाश में टीमें बाहर भेजी गई, लेकिन उनका कोई पता नहीं लगा। इसके अलावा विवेचक की ओर से होटल के मालिक को इस मामले में आरोपित नहीं बनाया गया।