Uttarakhand News 12 Mar 2026: गैरसैंण। लोक भवन की ओर से लौटाए गए धर्म स्वतंत्रता स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध संशोधन विधेयक को भी सरकार की ओर मंगलवार को सदन के पटल पर रखा गया। इस विधेयक में लिपिकीय त्रुटियों को दूर किया गया है। इस विधेयक के पारित होने और फिर कानून बनने पर जबरन मतांतरण के मामलों में तेजी से कार्रवाई होगी।

बहुचर्चित छांगुर प्रकरण के सामने आने पर धामी सरकार ने राज्य में उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम में संशोधन कर इसे बेहद सख्त बनाया। इसमें 10 लाख रुपये तक का जुर्माना के साथ ही आजीवन कारावास तक का प्रविधान किया गया। यह संशोधन विधेयक पिछले साल 20 अगस्त को गैरसैंण में हुए विधानसभा सत्र में ही पारित हुआ था। दिसंबर में लोक भवन ने इसे वापस लौटा दिया था।

बताया गया कि विधेयक की विभिन्न धाराओं में सजा के प्रविधान में लिपिकीय त्रुटियां थीं, जिससे स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। लोक भवन द्वारा विधेयक को लौटाए जाने के बाद विधायी एवं धर्मस्व विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में इस विधेयक को बोधगम्य व सुस्पष्ट कर दुरुस्त किया गया।