Uttarakhand News 18 Mar 2026: शिक्षा देने के नाम पर गरीब किशोरियों से दुष्कर्म करने वाले एक स्कूल व हास्टल संचालक को अदालत ने 20 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई है। यह मामला नेहरू कालोनी थानाक्षेत्र में साल 2021 में दर्ज हुआ था। जहां अलग-अलग बच्चियों से कई महीनों तक दुष्कर्म किया गया।
अपर जिला एवं सेशन जज (पॉक्सो) रजनी शुक्ला की अदालत ने मंगलवार दोषी जनार्धन बिन्जोला उर्फ जगत कुमार को 18 दिन के भीतर पोक्सो के दूसरे मामले में दंडित किया। इससे पहले 28 फरवरी को इसी अदालत ने हास्टल की एक अन्य छात्रा से दुष्कर्म के मामले में 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी, हालांकि दोनों मामलों में सह-आरोपित महिला ओपर्णा उर्फ दोपी संगमा को बरी कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, मेघालय निवासी महिला जगत की सहायक के तौर पर काम करती थी। उस पर भी साजिश में शामिल होकर पीड़ित किशोरियों पर दबाव बनाने का आरोप था। अदालत ने उसे दोनों मामलों में साक्ष्यों के अभाव में बरी किया।
इस मामले में आरोपी जगत पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है, जो न भरने पर एक साल अतिरिक्त कैद काटनी होगी। साथ ही पीड़िता को तीन लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
बाहरी लोगों के सामने खुद को पापा बुलवाता था
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार ने अदालत को बताया कि पीड़िता महज 15 साल की थी और सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। उसके हास्टल में ही रहती थी, जहां सात-आठ लड़कियां और चार लड़के भी रहते थे।
लड़कियां जनार्धन के कहने पर उसे पापा जी पुकारती थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर वह किशोरी को कभी सिर दबाने तो कभी शनिवार की रात सोने के लिए बुलाता था। इस तरह महीनों तक शोषण किया।
डर के साये में थी
पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसके परिवार से फोन पर स्पीकर के जरिए बात करवाते थे और खुद सामने खड़े रहते। जगत धमकी देता था कि यदि किसी को कुछ बताया तो उनके परिवार को खत्म कर देगा।
दो महीने में दाखिल की चार्जशीट
23 जुलाई 2021 को नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज होने के महज दो माह के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। पुलिस ने एक बच्ची से दुष्कर्म का मामला खुलने के बाद हास्टल की अन्य बच्चियों के परिजनों से संपर्क किया था, तभी दूसरे घिनौने कृत्य का पर्दाफाश हुआ। पता चला कि आरोपी गरीब बच्चों को पढ़ाने के नाम पर अपने पास रखता और फिर उनका शिकार करता था।










