Uttarakhand News 29 April 2026: हरिद्वार । संरक्षित वन क्षेत्र में मंत्रीपुत्र के विवाह समारोह के मामले ने वन विभाग में हलचल मचाई हुई है। सुरेश्वरी देवी मंदिर को जोड़ने वाले मार्ग के प्रवेश गेट पर राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
अब जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को भेजा जा रहा है। इसके अलावा इस पूरे प्रकरण में विभागीय जिम्मेदारी तय करने को लेकर फील्ड अधिकारियों का जवाब-तलब भी हुआ है।
समाज कल्याण मंत्री खजानदास के बेटे की थी शादी
राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र स्थित सुरेश्वरी देवी मंदिर परिसर में समाज कल्याण मंत्री खजानदास के पुत्र का विवाह रविवार को संपन्न हुआ। इससे एक दिन पूर्व शनिवार रात को वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मंदिर परिसर में लगे भव्य पंडाल को हटवा दिया और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मंदिर समिति के नामजद दो पदाधिकारियों सहित अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। जिसकी विवेचना शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, जांच की आंच कई प्रभावशाली नामों तक पहुंच सकती है, जिससे आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक स्तर से संबंधित क्षेत्र के फील्ड अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही, पूरे प्रकरण की जांच वाइल्ड लाइफ वार्डन अजय लिंगवाल को सौंपी गई है।
जांच के दायरे में यह भी शामिल है कि संरक्षित क्षेत्र में इतने बड़े स्तर पर आयोजन और सामान ले जाने की अनुमति कैसे मिली और नियमों की अनदेखी किस स्तर पर हुई।
वहीं सुरेश्वरी देवी मंदिर मार्ग के प्रवेश द्वार रानीपुर गेट पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। यहां अब ईको विकास समिति के साथ वन विभाग के कर्मचारियों की नियमित तैनाती की गई है। अधिकारियों के अनुसार अब नियंत्रित कर श्रद्धालुओं को सुरेश्वरीदेवी मंदिर की ओर भेजा जाएगा। जिससे टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीव का विचरण प्रभावित न हो।










