Uttarakhand News 11 July 2026: एलयूसीसी घोटाले में मुंबई निवासी समीर अग्रवाल इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड था और वही एलयूसीसी के संचालन एवं निर्णयों को नियंत्रित करता था।
उसने किशनलाल उदयलाल जैन और पंकज कुशल सिंह जैन के साथ मिलकर 10 फर्जी कंपनियों के बैंक खाते खुलवाए, जिनमें निवेशकों का पैसा ट्रांसफर कर उसका गबन किया गया। बाद में यह रकम सैकड़ों बैंक खातों में लेयरिंग के जरिये भेजी गई।
सर्कुलर जारी
सीबीआइ जांच में यह भी सामने आया कि समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी सानिया अग्रवाल विदेश फरार हैं। उनकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए सीबीआइ ने आवश्यक नोटिस और सर्कुलर जारी किए हैं। सीबीआइ के अनुसार जांच के दौरान आरोपितों की संपत्तियों का पता लगाया गया।
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में आरोपितों की कुल 39 संपत्तियां चिह्नित कर कुर्की की कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकारी को भेजी गई हैं। इनमें से 29 संपत्तियों की अस्थायी कुर्की के आदेश जारी हो चुके हैं, जबकि शेष 10 संपत्तियों के संबंध में प्रक्रिया जारी है।
एनओसी 2017 में, काम पहले ही शुरू कर दिया
जांच में इस बात का भी पता चला है कि आरोपितों को उत्तराखंड में योजनाएं संचालन के लिए आवश्यक एनओसी वर्ष 2017 में जारी हुई थी, लेकिन संस्था ने उससे पहले ही काम शुरू कर दिया था। इस तरह संस्था पोंजी स्कीम चलाकर लोगों को धोखा दे रही थी। वह नये निवेशकों से धनराशि लेकर पुरानों देते थे। ताकि पुराने निवेशकों का भरोसा उन पर बना रहे।
सात आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है सीबीआइ
मामले की जांच के दौरान सीबीआइ ने तरुण कुमार मौर्य, ममता भंडारी, गौरव रोहिल्ला, राजेंद्र सिंह बिष्ट, सुशील कुमार गोखरू, किशनलाल उदयलाल जैन और पंकज कुशल सिंह जैन सहित सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। सभी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआइ के अनुसार मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच अभी जारी है और जांच पूरी होने पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समीर अग्रवाल के विरुद्ध उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में 58 मुकदमे
एलयूसीसी घोटाले के मुख्य आरोपित समीर अग्रवाल के विरुद्ध उत्तराखंड में 18, जबकि उत्तर प्रदेश में 40 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस की कार्रवाई से पूर्व ही आरोपित करोड़ों रुपये समेटकर दुबई भाग गया। इन मुकदमों में किसी में भी चार्जशीट दाखिल नहीं हो पाई। सीबीआइ के पास केस ट्रांसफर होने के बाद आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और कुर्की की कार्रवाई लगातार जारी है।










