Uttarakhand News 5 Nov 2026: ऊंचे और दुर्गम युद्ध क्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर में तैनात नायब सूबेदार रमेश सिंह रावत की ब्रेन हेमरेज होने से मौत हो गई। वह पिछले दो माह से चंडीगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती थे। सेना के वाहन से उनका शव काशीपुर स्थित आवास पर लाया गया, जहां सलामी के बाद सम्मान अंत्येष्टि की गई।

मूलतः रिखणीखाल पौड़ी निवासी और जसपुरखुर्द स्थित एकता कालोनी निवासी नायब सूबेदार रमेश सिंह रावत 16वीं गढ़वाल राइफल्स की बी कंपनी में कार्यरत थे। सियाचिन में तैनाती के दौरान अत्यधिक ठंड के कारण उनके दिमाग में रक्त क्लॉट हो गया था। विषम परिस्थितियों में उन्हें सेना के हैलीकॉप्टर से कमांड अस्पताल चंडीगढ़ लाया गया था, जहां पिछले दो माह से उनका इलाज चल रहा था।

नायब सूबेदार रमेश सिंह रावत का पार्थिव शरीर सेना के वाहन से उनके निजी आवास एकता कालोनी लाया गया। बृहस्पतिवार को गंगे बाबा रोड स्थित श्मशान घाट पर सेना की टुकड़ी ने सशस्त्र सलामी दी। बाद में शव की अंत्येष्टि कर दी गई। वहां विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर दीपक बाली, पार्षद अनिल कुमार समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे। वह अपने परिवार में मां राजेश्वरी, पिता ख्याति सिंह रावत, पत्नी भारती रावत, पुत्र समीर रावत व पुत्री दीया रावत को रोता बिलखता छोड़ गए हैं।