Uttarakhand News 13 July 2026: खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वाले कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दो मामलों में 3.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से मिलावटी तथा अधोमानक खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि 29 अगस्त 2024 को लिए गए नौ एएम टमेटो केचप के नमूने की जांच में उत्पाद अधोमानक पाया गया।

जांच में केचप में पल्प की मात्रा निर्धारित मानकों से कम मिली। इस पर न्याय निर्णायक अधिकारी एवं जिलाधिकारी ने निर्माता पर तीन लाख रुपये तथा डिस्ट्रीब्यूटर पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।

उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में 26 फरवरी 2020 को लिए गए अमूल मोटी यूएचटी ट्रीटेड होमोजेनाइज्ड टोंड मिल्क के नमूने में भी एसएनएफ की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

इस मामले में निर्माता और विपणनकर्ता पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि गर्मी के मौसम में फूड प्वांइजनिंग तथा दूषित खाद्य पदार्थों का खतरा बढ़ जाता है।

ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी अनियमितता मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य कारोबारियों से एफएसएसएआई के मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की अपील की।