Uttarakhand News 30 Oct 2026: हाई कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की गिफ्तारी पर रोक और दर्ज मुकदमा निरस्त करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने साहू को फिलहाल कोई राहत न देते हुए मामले में सरकार और शिकायतकर्ता मंत्री से तीन नवंबर तक जवाब पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई को तीन नवंबर मंगलवार की तिथि नियत की है।

शुक्रवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एक्ल्प में मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में गिरधारी लाल साहू की याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें कहा गया है कि मुकदमे में उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप झूठे है। उन्हें गलत तरीके से फंसा कर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है।

उनकी रेखा दे शादी वर्ष 2004 हुई थी, तब से पत्नी के साथ हैं। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि साहू ने जालसाज़ी कर अपने को अविवाहित बताकर उनसे शादी की, जबकि वह शादीशुदा थे। रेखा ने यह भी आरोप लगाया था कि उनके फर्जी हस्ताक्षर बना कर तमाम कंपनियों के निदेशक पद से हटा दिया गया।

यही नहीं साहू ने जान से मारने की धमकी दी, जातिसूचक अपशब्द भी कहे गए है जबकि याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि पत्नी रेखा आर्या ने मंत्री बनने के बाद 210 करोड़ की अवैध सम्पति अर्जित की है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए। साहू के अनुसार शादी को 22 साल हो गए, उनके विरुद्ध मुकदमा नहीं बनता हैं। आज तक पत्नी के साथ कोई मनमुटाव नहीं हुआ हैं। गलत तथ्यों को जोड़कर मुकदमा दर्ज किया गया।