Uttarakhand News 01 May 2026: कमर्शियल गैस सिलिंडर के दामों में भारी बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की चिंता बढ़ा दी है।
बढ़ती लागत का सीधा असर अब भोजन थाली, चाय और मिठाई समेत अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों पर पड़ना तय माना जा रहा है, जिसका बोझ ग्राहकों को उठाना पड़ेगा। अब कारोबारियों को कमर्शियल गैस सिलिंडर के लिए अतिरिक्त 993 रुपये ओर देने होंगे।
केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया है। पहले जहां 19 किलो का सिलिंडर 2194 रुपये में मिलता था, जिसे बढ़ाकर 3187 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह नए कनेक्शन के लिए मिलने वाला 5 किलो का सिलिंडर 1554 रुपये से बढ़ाकर 1795.50 रुपये कर दिया गया है।
वहीं 5 किलो सिलिंडर की रीफिल भी 610 रुपये से बढ़कर 851 रुपये हो गई है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि एकमुश्त 993 रुपये की यह बढ़ोतरी व्यापार के लिए बेहद दिक्कतों भरा है।
छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव
सिलिंडर की कीमत तीन हजार रुपये के पार पहुंचने से छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है, यहां तक कि कुछ के सामने कारोबार बंद करने की स्थिति तक बन गयी है। व्यापारियों का कहना है कि गैस महंगी होने से भोजन तैयार करने की लागत बढ़ गई है, जिसके चलते भोजन और फास्ट फूड की दरों में इजाफा करना मजबूरी बनता जा रहा है।
यदि जल्द राहत नहीं मिली, तो इसका असर ग्राहकों की जेब पर साफ नजर आएगा। लगातार बढ़ती महंगाई, बढ़ते खर्च और ग्राहकों की संभावित कमी से होटल-रेस्टोरेंट व्यवसाय पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
चाय से थाली तक महंगाई की मार
अल्मोड़ा: कमर्शियल गैस महंगी होने का असर अब बाजार में दिखने लगा है। 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये तक पहुंच गई है।
वहीं समोसा, चाउमीन, मोमोज, पिज्जा, बर्गर समेत अन्य फास्ट फूड आइटम्स में 10 से 15 रुपये तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। भोजन थाली, जो पहले 80 से 100 रुपये में मिल जाती थी, अब 120 से 140 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं मिठाइयों के दामों में भी 50 से 100 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।
“कमर्शियल गैस सिलिंडर के बढ़ते दामों का सीधा असर भोजन थाली और फास्ट फूड पर पड़ेगा। यह स्थिति व्यापारी और ग्राहकों दोनों के लिए चिंता का विषय है।” – अनिल कुमार भट्ट, रेस्टोरेंट संचालक, कारखाना बाजार
“गैस के दाम बढ़ने से व्यापार पर असर पड़ेगा। और ग्राहकों की संख्या में कमी आ सकती है।” – दीप तिवारी, रेस्टोरेंट संचालक, कारखाना बाजार
“गैस महंगी होने से मिठाइयों के दाम में 50 से 100 रुपये प्रति किलो तक बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।” – हिमांशु कांडपाल, मिठाई विक्रेता, माल रोड
“पहाड़ों में पहले से ही परिवहन लागत अधिक और संसाधन सीमित हैं। ऐसे में गैस की कीमतों में इतनी बड़ी वृद्धि स्थानीय व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।” – सुशील साह, जिलाध्यक्ष, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल, अल्मोड़ा










