Uttarakhand News 30 June 2026: उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार के बीच सोमवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस पहल से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाओं का विस्तार होगा और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उधर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में हुई बैठक में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने राज्य के लिए 15 यूएसजी एंलुबेंस मांगी हैं।
ये अल्ट्रासोनोग्राफी एंबुलेंस हैं। इसमें पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन लगी होती है, जिससे मरीजों की मौके पर या अस्पताल पहुंचने से पहले ही आवश्यक जांच की जा सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दिल्ली में हुए समझौते के तहत प्रधानमंत्री निधि से प्रदेश को चार एमआरआइ मशीनें, पांच डिजिटल मैमोग्राफी (डीबीटी) मशीनें और 75 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) आधारित पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन उपकरणों से स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीकी मजबूती मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आधुनिक उपकरणों के उपयोग से मरीजों की जांच अधिक तेज, सटीक और गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो सकेगी।
एमआरआइ मशीनों से गंभीर बीमारियों के निदान में सुविधा मिलेगी, जबकि डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें स्तन कैंसर जैसी बीमारियों की शुरुआती पहचान हो पाएगी।
इस पहल का सबसे अधिक लाभ पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों को मिलने की संभावना है। प्रदेश के कई दुर्गम इलाकों में अभी भी उन्नत जांच सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।
ऐसे क्षेत्रों में एआइ आधारित पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें मरीजों के नजदीक पहुंचकर जांच सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगी। इससे मरीजों को बड़े अस्पतालों तक लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता भी कम हो सकती है।
एमओयू पर स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे तथा भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव आराधना पटनायक की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) उत्तराखंड के मिशन निदेशक संदीप तिवारी सहित केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी भी मौजूद रहे।










