Uttarakhand News 21 April 2026: हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग पर रानीबाग के पास सोमवार दोपहर सवा 12 बजे नैनीताल की तरफ से आ रही तेज रफ्तार बस ने मां के सामने चार की मासूम बच्ची को रौंद दिया। बच्ची बस के अगले पहिये में फंस गई और 20 मीटर घसीटती चली गई। उसके शरीर के चिथड़े पहिये से छिटककर सड़क पर फैल गए। गुस्साए लोगों ने रुद्रपुर डिपो की अनुबंधित बस पर पथराव करते हुए चालक को जमकर पीटा। काफी हंगामे के बाद दोपहर दो बजे शव मोर्चरी भेजा जा सका। इस दौरान मौके पर कई घंटे तक लंबा जाम लगा रहा।
रानीबाग स्थित जैन आयरन स्टोर पर करीब डेढ़ साल से पीलीभीत के ग्राम तेहरी बिसलपुर निवासी जीवन लाल मजदूरी करते हैं। यहां उनके परिवार के अन्य सदस्य भी काम करते हैं। सभी लोग दुकान के बेसमेंट में रहते हैं। जीवन लाल कुछ माह पहले अपनी पत्नी राजकुमारी और तीन बच्चों को लेकर आए। उन्होंने बड़े बेटे विशाल (पांच) और बेटी कनक (चार) का घर से दो सौ मीटर दूर सड़क के दूसरी ओर स्थित आंगनबाड़ी में दाखिला करा दिया।
सोमवार की सुबह विशाल और महक आंगनबाड़ी केंद्र गए। दोपहर 12 बजे राजकुमारी सड़क के इस ओर खड़े होकर बच्चों के लौटने का इंतजार कर रही थी। उसने सामने से विशाल और कनक को दो अन्य बच्चों के साथ आते देखा। विशाल सहित तीन बच्चे तो इस ओर आ गए लेकिन जब कनक सड़क पार करने लगी तो नैनीताल से तेज रफ्तार में आ रही रुद्रपुर डिपो की अनुबंधित बस (यूके06पीए1726) ने उसे अपनी चपेट में ले लिया।
कनक बस के अगले दाहिने पहिये में फंस गई। बस चालक उसे घसीटते हुए तकरीबन 20 मीटर तक उसके घर के पास तक ले गया। हादसे में बच्ची की मौत से मौके पर ही चीखपुकार मच गई और भीड़ जमा हो गई।
तीन थानों की पुलिस पहुंची
हादसे में मासूम की मौत के बाद लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। लोगों के आक्रोश को देखते हुए काठगोदाम सहित तीन थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने लोगों से वार्ता की। वाहनों की गति नियंत्रित न होने पर लोगों ने परिवहन और पुलिस अफसरों को जमकर सुनाया। सवा दो बजे बच्ची की लाश एंबुलेंस के जरिये मोर्चरी भेज दिया। शाम छह बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। उधर छह बजे के बाद नैनीताल और भीमताल मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका।
बच्चे देखकर भी धीमी नहीं की बस
गुस्साए लोगों ने चालक की लापरवाही अपनी आंखों से देखी। बच्चों को देखकर वह बस धीमी कर सकता था लेकिन उसने नहीं किया। रफ्तार की वजह से यह घटना हुई। लोगों ने बस के आगे और साइड के शीशे तोड़ दिए। बस चालक को उसकी सीट से खींचकर पीटा। तत्काल ही भीमताल तिराहा पर मौजूद फोर्स पहुंची और चालक को हिरासत में लेकर मल्ला काठगोदाम चौकी भेजा।
बस चालक को हिरासत में ले लिया गया है। वाहनों की स्पीड नियंत्रित करने के लिए अन्य विभागों से सामंजस्य बनाकर ब्रेकर व अन्य जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। घटना से यातायात बाधित हुआ। इसे नियंत्रित करने के बाद अतिरिक्त फोर्स लगाई गई। तहरीर मिलते ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। – डॉ. मंजुनाथ टीसी, एसएसपी
अधिकारियों के देरी से पहुंचने पर फूटा लोगों का गुस्सा
घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा दिखा। महिलाएं और स्थानीय लोगों ने पुलिस व परिवहन विभाग के अफसरों के देरी से आने पर गुस्सा जताया। पुलिस अधिकारियों ने सूचना दी तो दो बजे के बाद कुमाऊं परिवहन निगम की आरएम संचालन पूजा जोशी पहुंचीं। बस के पीछे के नंबर प्लेट के दो अंक के कंफ्यूजन को भी लोगों ने बताया। उन्होंने कहा कि दो है या तीन स्पष्ट नहीं हो रहा है। आरएम संचालन ने अन्य बसों के नंबर प्लेट भी सही कराने आश्वासन दिया।
ब्रेकर लगाने और मुआवजा दिलाने की मांग
लोगों ने कहा कि इस जगह पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। वाहनों की रफ्तार तेज रहती है। पुलिस भी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है। पिछले कुछ माह में कई लोग की जान यहां जाते-जाते बची है। यहां तत्काल ब्रेकर बनना चाहिए। ब्रेकर से ही स्पीड नियंत्रित हो सकता है। इसके अलावा मृत मासूम बच्ची के परिजनों को घटना के जिम्मेदार रोडवेज की तरफ से मुआवजा भी दिया जाए।
घटना के समय ही रानीबाग पुल पर ट्रक खराब
जिस समय हादसे की घटना हुई और वाहनों का जाम लगा उसी समय भीमताल मार्ग पर रानीबाग पुल पर एक ट्रक खराब हो गया। ट्रक के आगे के दोनों पहिये को जोड़ने वाला कपलर टूट गया था जिससे वह आगे-पीछे भी नहीं किया जा सकता था। ऐसे में जाम ने बड़ा रूप अख्तियार कर लिया है। वाहन भी धीमे-धीमे से निकले। एक लेन को रोककर दूसरे लेन से वाहन निकालना पड़ा। यहां से वाहन आगे बढ़े तो भीमताल तिराहा पर फंसे।










