Uttarakhand News 15 July 2026: प्रदेश सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) स्वयंसेवकों को बड़ी राहत दी है। अब ड्यूटी और प्रशिक्षण के दौरान बीमार या घायल होकर अस्पताल में भर्ती पीआरडी जवानों को उपचार अवधि में भी मानदेय मिलेगा। शासन ने इसके लिए एसओपी जारी की है। राज्य में करीब दस हजार पीआरडी जवान हैं। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल मंत्री रेखा आर्या के मुताबिक इस व्यवस्था से उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
विभागीय मंत्री ने कहा, यह व्यवस्था मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप की गई है। पीआरडी स्वयंसेवक विपरीत परिस्थितियों में भी विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ दे रहे हैं। पूर्व में ड्यूटी के दौरान किसी दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने पर उनका इस अवधि का मानदेय कट जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि को अब ऑन ड्यूटी माना जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत उन्हें अधिकतम 180 दिन का मानदेय दिया जाएगा।
शासन की ओर से इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी गई है। यह प्रक्रिया पूरे प्रदेश में व्यवस्था का पारदर्शी और एक समान क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पात्र पीआरडी स्वयंसेवकों को तय प्रक्रिया के अनुसार ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा। यह कदम योजना के सुचारु और निष्पक्ष संचालन के लिए उठाया गया है।
राज्य सरकार पीआरडी जवानों के कल्याण के लिए लगातार ठोस निर्णय ले रही है। जो उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी स्वयंसेवकों के हितों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे। यह पहल पीआरडी जवानों के मनोबल को बढ़ाने में सहायक होगी।










