Uttarakhand News 2 Nov 2026: केदारताल रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत सोमवार सुबह करीब 7:35 बजे देहरादून से हेलकॉप्टर आर्मी हेलीपैड, हर्षिल के लिए रवाना हुआ। हेलिकॉप्टर सुबह करीब 8:10 बजे हर्षिल पहुंचा। इसके बाद सुबह 8:35 बजे निम के दो और एसडीआरएफ के छह सदस्यों समेत कुल आठ रेस्क्यू कर्मियों को हेलिकॉप्टर से केदारताल रेस्क्यू अभियान के लिए रवाना किया गया।
रविवार को केदारताल ट्रैक पर फंसे आठ पर्वतारोहियों की तलाश के लिए एसडीआरएफ ने हेलिकॉप्टर से भोजखड़क सहित कच्ची ढांग के आसपास सर्च अभियान चलाया लेकिन उनकी लोकेशन या किसी भी प्रकार का सुराग नहीं लगा। एनडीआरएफ की टीम ने भी केदारताल ट्रैक पर सर्च अभियान चलाया पर उसे भी सफलता नहीं मिल पाई। आज सोेमवार को एसडीआरएफ और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की प्रशिक्षित टीम हेलिकॉप्टर के माध्यम से अंतिम बताई गई लोकेशन पर उतरने के लिए निकल गई है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के सामने मुश्किल
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि रविवार को चले सर्च ऑपरेशन में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को एक बड़ी दिक्कत यह हुई कि संबंधित क्षेत्र में अधिक खाई और संकरी घाटी होने के कारण हेलिकॉप्टर अधिक नीचे नहीं उतारा जा सका। हेली के अलावा भूमिगत सर्च अभियान के दौरान भी फंसे हुए पर्वतारोहियों का कुछ पता नहीं लग पाया।
बता दें कि 27 अक्तूबर को 12 लोगों का दल केदारताल ट्रैक गया था। इनमें शामिल पश्चिम बंगाल व उत्तर प्रदेश के सात ट्रैकर्स और एक गाइड भारी हिमस्खलन के कारण भोजखड़क के आसपास कहीं फंस गए। दल में शामिल तीन पोर्टर और एक कुक उस स्थान से आगे थे और 30 अक्तूबर को सुरक्षित गंगोत्री पहुंच गए थे। उन्होंने ही गंगोत्री नेशनल पार्क के अधिकारियों को घटना की सूचना दी थी। 31 अक्तूबर से एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व वन विभाग की टीमें फंसे हुए ट्रैकर्स को ढूंढ रही हैं।










