Uttarakhand News 22 Aug 2026: दून मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर से रैगिंग की घटना सामने आई है। इस बार एमबीबीएस नहीं बल्कि स्नातकोत्तर (पीजी) कर रहे सीनियर डॉक्टरों पर जूनियर के साथ रैगिंग का आरोप लगा है। इस मामले में पीड़ित डॉक्टर ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ.गीता जैन ने एंटी रैगिंग कमेटी को जांच सौंप दी है।
जानकारी के मुताबिक घटना 19 अगस्त की है। एनाटॉमी विभाग के पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टर ने डिसेक्शन हॉल में ड्यूटी के दौरान एक गिलास से पानी पी लिया था। पीड़ित के अनुसार यह कॉमन गिलास थे, जिसमें सभी लोग पानी पीते हैं। आरोप है कि इस पर सीनियर भड़क गए। उन्होंने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया, यहां तक की धमकी भी दी।
साथ ही मनगढ़ंत कहानी बनाकर जूनियर के ही खिलाफ विभागाध्यक्ष से शिकायत कर दी। इसकी जानकारी पीडि़त ने अपनी मां को दी तो मां ने सीनियर से बात करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन नहीं उठा। पीड़ित ने बताया कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थे। ऐसे में उन्होंने मां की सहमति से एनएमसी में शिकायत कर दी।
कॉलेज प्रबंधन ने नहीं की कोई कार्रवाई
पीड़ित के मुताबिक गत दिनों वह एमबीबीएस छात्रों की कक्षा में पढ़ रहा था। इस दौरान सीनियर डॉक्टरों ने करीब 150 जूनियर छात्रों के सामने ही उनके साथ दुर्व्यवहार शुरू कर दिया। गाली-गलौज भी की। आरोप लगाया कि उन्होंने इस संबंध में कॉलेज प्रबंधन को शिकायत दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायत मिलने ही बिना किसी देरी के एंटी रैगिंग कमेटी को मामले की जांच सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज प्रबंधन रैगिंग जैसी गंभीर घटनाओं के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।
- डॉ. गीता जैन, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज










