Uttarakhand News 17 Oct 2026: नशे के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से पुलिस लाइन में नशे के खिलाफ प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।

एडीजी वी. मुरुगेशन ने नशे की तस्करी को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि कुछ देश युद्ध में जीत हासिल नहीं कर पा रहे हैं तो वे नशे के जरिए वार कर रहे हैं। ड्रोन और समुद्री मार्गों से नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही है, जिससे इस नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना बड़ी चुनौती बन गया है।

अब भी बाहर घूम रहे 90 प्रतिशत तस्कर
एडीजी वी. मुरुगेशन ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार का बड़ा हिस्सा पकड़ से बाहर रह जाता है। उनके मुताबिक, केवल 10 प्रतिशत नशा ही पकड़ा जा रहा है, जबकि 90 प्रतिशत तस्कर अब भी बाहर घूम रहे हैं। ऐसे में केवल नशे की बरामदगी से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। नशे के नेटवर्क को तोड़ने के साथ ही इसकी मांग खत्म करने पर भी ध्यान देना होगा।

उन्होंने कहा कि नशे से निजात पाने के लिए समाज को भी आगे आना पड़ेगा। युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने, तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने और नशे की मांग कम करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। पुलिस के साथ परिवारों और समाज की भागीदारी से ही इस दिशा में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

इस दौरान उत्तराखंड में नशे के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़े भी सामने रखे गए। वर्ष 2024 में प्रदेश में 76 करोड़ रुपये की ड्रग पकड़ी गई थी, जबकि वर्ष 2026 में सितंबर तक 46 करोड़ रुपये का नशीला पदार्थ बरामद किया जा चुका है। ये आंकड़े नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ तस्करी की चुनौती की गंभीरता भी दर्शाते हैं।

इससे पहले ‘नशामुक्त देवभूमि, मेरी शुरुआत खुद से’ अभियान के तहत बाइक रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने और नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया।21