Uttarakhand News 20 Oct 2026: नैनीताल। हाईकोर्ट ने जीएमवीएन के 32 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बकाया भुगतान और ग्रेच्युटी का लाभ नहीं दिए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद प्रबंध निदेशक को या तो याचिकाकर्ताओं को उसके लाभों का पूरा लाभ प्रदान करें या ऐसा न करने के कारण स्पष्ट करते हुए जवाब दें।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष 16 अक्टूबर को मामले की सुनवाई हुई। गढ़वाल मंडल विकास निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने याचिका दाखिल कर छठे और सातवें वेतन आयोग के लंबित एरियर, महंगाई भत्ते तथा देरी से भुगतान की गई ग्रेच्युटी पर ब्याज दिलाए जाने की मांग की थी।
याचिका में राज्य सरकार, जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक और महाप्रबंधक को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि छठे वेतन आयोग का पहली जनवरी 2006 से 31 जुलाई 2009 तक का एरियर उन्हें नहीं मिला है।
साथ ही सातवें वेतन आयोग का पहलू जनवरी 2016 से 30 जून 2019 तक का एरियर और इसी अवधि का डीए भी अभी तक उन्हें नहीं मिला है। याचिका में कहा कि लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।










