Uttarakhand News 2 July 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की शुरूआत करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए एक जुलाई 2026 से उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की है।

इसके साथ ही मदरसा बोर्ड को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू की गई है साथ ही एक राष्ट्र एक शिक्षा की दिशा में उत्तराखंड ने कदम बढ़ाया है।

प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला निर्णय
बुधवार को मुख्यमंत्री आवास मुख्य सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र भी वितरित किए। साथ ही अल्पसंख्यक विद्यालयों के विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की पुस्तकें भी भेंट कीं, कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा की दिशा में यह पहल विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक संस्था की शुरुआत नहीं, बल्कि राज्य के प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला निर्णय है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चे को समान अवसर मिले और वह आधुनिक शिक्षा, तकनीक एवं कौशल के माध्यम से आगे बढ़ सके।

आस्था-आधुनिकता के संतुलन के साथ नया युग शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय ज्ञान, नवाचार और तकनीक का युग है। एआइ, मशीन लर्निंग, डिजिटल तकनीक और नए कौशल भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं।

ऐसे में आवश्यक है कि उत्तराखंड का कोई भी बच्चा विकास की इस यात्रा से पीछे न छूटे। बच्चे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, कौशल विकास और आधुनिक शिक्षा में दक्ष बनें।

छह अल्पसंख्यक समुदायों को समान अवसर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत अधिसूचित छह अल्पसंख्यक समुदायों को समान अवसर प्रदान किए जाएंगे। पहले की व्यवस्थाओं में जिन वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया, उन्हें भी अब शिक्षा के क्षेत्र में बराबरी का अवसर मिलेगा इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, प्रदीप बत्रा, विधायक उमेश शर्मा काऊ मौजूद रहे।

‘उत्तराखंड ने वन नेशन वन एजुकेशन की दिशा में पहल की है। समान नागरिक संहिता के बाद देश में समान शिक्षा व्यवस्था के लिए यह महत्वपूर्ण साबित होगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भविष्य को संवारना और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है।’ -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड