Uttarakhand News 26 June 2026: देहरादून। अनुशासन और खेल संस्कृति के लिए पहचाने जाने वाले देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज पर रैगिंग के गंभीर आरोप लगे हैं।
नौवीं कक्षा के दो छात्रों के स्वजनों ने आरोप लगाया है कि सीनियर छात्रों द्वारा लगातार मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और जबरन काम कराने से बच्चे इस कदर टूट गए कि एक छात्र ने कॉलेज छोड़ने का फैसला कर लिया, जबकि दूसरे को परिजन घर ले गए।
ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) के लिए आवेदन
ऋषिकेश निवासी एक छात्र के पिता ने कॉलेज से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) के लिए आवेदन कर दिया है। उनका कहना है कि ऐसे माहौल में बच्चे की पढ़ाई और खेल दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
वहीं, बागेश्वर के एक छात्र के स्वजनों का आरोप है कि सीनियर छात्र जूनियरों के साथ मारपीट करते हैं, उनसे बेवजह काम कराते हैं और खाने के समय भी उन्हें परेशान किया जाता है। जब स्वजन बच्चे से मिलने पहुंचे तो वह फूट-फूटकर रो पड़ा। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने कुछ दिन के लिए बच्चे को घर ले जाने की सलाह दी।
स्वजनों का कहना है कि हॉस्टल में रहने वाले बच्चे डर के कारण खुलकर शिकायत भी नहीं कर पाते। उनका आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
रैगिंग के आरोपों से इनकार
हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग के आरोपों से इनकार किया है। प्रधानाचार्य राजेश ममगाईं का कहना है कि बच्चों के बीच खेल के दौरान विवाद और मारपीट की घटना सामने आई थी, लेकिन रैगिंग जैसा कोई मामला नहीं है। उन्होंने बताया कि जिस छात्र के टीसी की बात सामने आई है, उसके स्वजनों ने ट्रांसफर की जानकारी दी है, जबकि दूसरे छात्र को स्वजन अपनी इच्छा से कुछ दिनों के लिए घर ले गए हैं।
अब सवाल यह है कि यदि मामला केवल बच्चों के बीच सामान्य विवाद था, तो दो छात्रों को कॉलेज छोड़ने या घर ले जाने की नौबत क्यों आई? इस घटना ने प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित खेल संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और हॉस्टल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।










