Uttarakhand News 15 Oct 2026: रामनगर। हाथीडगर नहर के पास पुलिया पर बैठे बड़े भाई के सिंचाई नहर में गिरने पर उसे बचाने के लिए 23 वर्षीय हिमांशु ने छलांग लगा दी।
बड़ा भाई तो नहर से सुरक्षित बाहर निकल आया, लेकिन तेज बहाव के कारण हिमांशु पानी में बह गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। रामनगर के मालधन चौड़ नंबर तीन निवासी हिमांशु बैलपड़ाव के किसी रिसोर्ट में कार्यरत था।
पुलिस के मुताबिक बुधवार शाम को अतुल रिसोर्ट से अपने छोटे भाई 23 वर्षीय हिमांशु पुत्र दीवान चंद के साथ घर जा रहा था। इस बीच वह हाथीडगर नहर के समीप पुलिया पर बैठ गए। पुलिस ने बताया कि तभी बड़ा भाई अतुल नियंत्रण खो बैठा और पुलिया से सिंचाई नहर में गिर गया।
अतुल को गिरता देख हिमांशु ने भी अपने भाई को बचाने के लिए गहरी सिंचाई नहर में कूद मार दी। इस बीच अतुल तो किसी तरह सुरक्षित सिंचाई नहर से बाहर निकल आया लेकिन पानी का प्रवाह तेज होने की वजह से छोटा भाई हिमांशु बहता चला गया। अतुल ने उधर से गुजर रहे लोगों एवं पुलिस को डायल 112 पर सूचना दी। कुछ देर बाद पीरूमदारा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
इसके बाद सिंचाई नहर में युवक की तलाश की गई। काफी देर बाद गुरुद्वारे से कुछ दूर हिमांशु मिल गया। तत्काल उसे सरकारी अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के बड़े भाई अतुल से घटना की जानकारी ली। पीरूमदारा चौकी के पुलिस कर्मी दलजीत सिंह ने बताया कि नहर में गिरे बड़े भाई को बचाने के लिए छोटे भाई ने कूद मार दी लेकिन पानी के तेज बहाव में वह सिंचाई नहर में बह गया।
पूर्व में हो भी चुकीं हैं कई घटनाएं
हाथीडगर सिंचाई नहर लगभग दस से 15 फीट गहरी है। इसी साल जनवरी में भी एक व्यक्ति के पैर फिसलने व जुलाई में एक अज्ञात युवक की नहर में बहने से मौत हो गई थी। अगस्त में एक और व्यक्ति नरेंद्र सिंह सिंचाई नहर में गिर गया था। इसके बाद सोनू का नहर में शव मिला था।
पिछले वर्ष जून में एक व्यक्ति की बहने से मौत हुई थी। रामनगर से मालधन को जाने के लिए सिंचाई नहर काफी चौड़ी और खुली हुई है। हादसों को देखते हुए इस नहर को कवर करने की मांग भी उठती रही है।










