Uttarakhand News 28 Jan 2026: देहरादून। उत्तराखंड में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से गंभीर बीमारियों का इलाज अब आसान और निश्शुल्क हो गया है। आर्थिक रूप से कमजोर लोग कैंसर, हृदय, गुर्दा रोग, न्यूरोसर्जरी, नेत्र रोग और जोड़ प्रत्यारोपण जैसे महंगे इलाज करवा पा रहे हैं। राज्य में अब तक 17 लाख से अधिक मरीजों को योजना के तहत निश्शुल्क इलाज मिल चुका है।

बता दें कि केंद्र सरकार ने 23 सितंबर 2018 में देशभर में आयुष्मान भारत योजना शुरू की थी। उत्तराखंड सरकार ने इसे आगे बढ़ाते हुए अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना लागू की, जिसके तहत हर परिवार को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया गया है। अब तक प्रदेश में 56.95 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। योजना के तहत किडनी ट्रांसप्लांट, डायलिसिस, हृदय रोग, कैंसर, न्यूरो सर्जरी और जोड़ प्रत्यारोपण जैसे महंगे इलाज निश्शुल्क किए जा रहे हैं। इससे परिवारों को आर्थिक राहत मिली है और मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि जिन परिवारों में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग हैं, उन्हें परिवार के पांच लाख रुपये के कवर के अतिरिक्त पांच लाख रुपये का व्यक्तिगत बीमा प्रदान किया जा रहा है। यदि किसी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज से भुगतान की मांग की जाती है तो इसकी शिकायत आयुष्मान प्राधिकरण में की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना ने महंगे और जटिल इलाज को आमजन की पहुंच में ला दिया है। यह न केवल मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हुई है, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक चिंता को भी कम किया है। योजना आज राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत मिसाल बन चुकी है।

गंभीर बीमारी में निश्शुल्क उपचार
स्पेशिलिटी-मामले-खर्च (करोड़)
डायलिसिस-267,397-177.61
कार्डियोलाजी (स्टेंट, ओपन हार्ट)-39,642-345.14
ओंकोलाजी (कीमो, रेडियोथेरेपी, सर्जरी)-79,653-221.34
न्यूरो सर्जरी-11,820-59.05
किडनी ट्रांसप्लांट-25-54
हिप रिप्लेसमेंट-2,743-28.24
नी-रिप्लेसमेंट-2,453-21.32