Uttarakhand News 8 June 2026: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम आज से शुरू हो जाएगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फार्म बांटेंगे। मतदाता बीएलओ से संपर्क करने के लिए बुक ए कॉल का लाभ भी ले सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से बूथ लेवल एजेंट्स को सहयोग करने की अपील की है। प्रदेश के सभी 11733 बीएलओ के पास गणना फार्म पहुंचा दिए गए हैं। अभियान के तहत सभी मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। सात जुलाई तक एक माह के समय में बीएलओ की ओर से मतदाताओं के गणना फार्मों को बीएलओ एप के माध्यम से डिजिटिलाइज किया जाएगा।

एसआईआर, डेटा मिलान नहीं हुआ तो आएगा नोटिस, अपने और माता-पिता के देने होंगे दस्तावेज
चुनाव आयोग की ओर से राज्य में आठ जून से एसआईआर शुरू होने जा रहा है। बीएलओ घर-घर गणना प्रपत्र लेकर पहुंचेंगे। इसके साथ ही दिशा-निर्देश भी जारी हो गए हैं। इसके मुताबिक, जिन मतदाताओं का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है या जिनका विवरण 2003 की मतदाता सूची के डेटाबेस से मिलान नहीं खा रहा है, उन्हें निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस मिलने पर मतदाताओं को अपनी नागरिकता और जन्म से जुड़े वैध दस्तावेज जमा करने होंगे।

जन्म के हिसाब से तीन श्रेणियों में मांगे गए दस्तावेज
नोटिस मिलने के बाद मतदाताओं को अपनी जन्मतिथि और जन्म स्थान साबित करने के लिए तीन अलग-अलग समय श्रेणियों के आधार पर दस्तावेज देने होंगे। एक जुलाई 1987 से पहले भारत में जन्मे मतदाताओं को स्वयं की जन्मतिथि और जन्म स्थान साबित करने वाला कोई एक वैध दस्तावेज देना होगा। एक जुलाई 1987 और दो दिसंबर 2004 के बीच भारत में जन्मे मतदाताओं को स्वयं के लिए और साथ ही माता या पिता का जन्म स्थान, जन्मतिथि साबित करने वाला दस्तावेज देना होगा। दो दिसंबर 2004 के बाद भारत में जन्मे मतदाताओं को स्वयं का, माता और पिता का जन्म स्थान व तिथि साबित करने वाले अलग-अलग दस्तावेज देना होगा। यदि माता-पिता में से कोई भारतीय नहीं है तो अपने जन्म के समय उनके वैध पासपोर्ट और वीजा की एक प्रति देनी होगी।उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम आज से शुरू हो जाएगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फार्म बांटेंगे। मतदाता बीएलओ से संपर्क करने के लिए बुक ए कॉल का लाभ भी ले सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से बूथ लेवल एजेंट्स को सहयोग करने की अपील की है। प्रदेश के सभी 11733 बीएलओ के पास गणना फार्म पहुंचा दिए गए हैं। अभियान के तहत सभी मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। सात जुलाई तक एक माह के समय में बीएलओ की ओर से मतदाताओं के गणना फार्मों को बीएलओ एप के माध्यम से डिजिटिलाइज किया जाएगा।

एसआईआर, डेटा मिलान नहीं हुआ तो आएगा नोटिस, अपने और माता-पिता के देने होंगे दस्तावेज
चुनाव आयोग की ओर से राज्य में आठ जून से एसआईआर शुरू होने जा रहा है। बीएलओ घर-घर गणना प्रपत्र लेकर पहुंचेंगे। इसके साथ ही दिशा-निर्देश भी जारी हो गए हैं। इसके मुताबिक, जिन मतदाताओं का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है या जिनका विवरण 2003 की मतदाता सूची के डेटाबेस से मिलान नहीं खा रहा है, उन्हें निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस मिलने पर मतदाताओं को अपनी नागरिकता और जन्म से जुड़े वैध दस्तावेज जमा करने होंगे।

जन्म के हिसाब से तीन श्रेणियों में मांगे गए दस्तावेज
नोटिस मिलने के बाद मतदाताओं को अपनी जन्मतिथि और जन्म स्थान साबित करने के लिए तीन अलग-अलग समय श्रेणियों के आधार पर दस्तावेज देने होंगे। एक जुलाई 1987 से पहले भारत में जन्मे मतदाताओं को स्वयं की जन्मतिथि और जन्म स्थान साबित करने वाला कोई एक वैध दस्तावेज देना होगा। एक जुलाई 1987 और दो दिसंबर 2004 के बीच भारत में जन्मे मतदाताओं को स्वयं के लिए और साथ ही माता या पिता का जन्म स्थान, जन्मतिथि साबित करने वाला दस्तावेज देना होगा। दो दिसंबर 2004 के बाद भारत में जन्मे मतदाताओं को स्वयं का, माता और पिता का जन्म स्थान व तिथि साबित करने वाले अलग-अलग दस्तावेज देना होगा। यदि माता-पिता में से कोई भारतीय नहीं है तो अपने जन्म के समय उनके वैध पासपोर्ट और वीजा की एक प्रति देनी होगी।