Uttarakhand News 6 June 2026: दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की सीमाएं लांघकर पहाड़ में नशे की सप्लाई करने पहुंचे राजस्थान के दो भाइयों को पुलिस ने काठगोदाम में धर दबोचा। उनके कब्जे से 618 ग्राम स्मैक बरामद हुई है। तस्करों की गिरफ्तारी ने राजस्थान से उत्तराखंड तक फैले नशे के नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। एसएसपी ने दावा किया कि कुमाऊं क्षेत्र में अब तक पकड़ी गई स्मैक की यह सबसे बड़ी खेप है।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने शुक्रवार को पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि चार जून को गौलापार पश्चिमी खेड़ा स्थित एक निर्माणाधीन मकान के पास से दो भाई गजब सिंह और सीताराम निवासी अटलबंद धऊ पासा भरतपुर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी राजस्थान के साथ ही दिल्ली और यूपी की सीमा पार करने के बाद यहां पहुंचे थे।
पुलिस के अनुसार स्मैक की डिलीवरी काठगोदाम निवासी रवि नामक युवक को की जानी थी। उसकी तलाश जारी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी यह मादक पदार्थ कहां से और कब से ला रहे थे।
डिलीवरी के बाद मुक्तेश्वर जाने की थी योजना
पूछताछ में सीताराम ने बताया कि वह टैक्सी चालक है और गजब सिंह भरतपुर में एक आरओ प्लांट में काम करता है। उसकी ससुराल मुक्तेश्वर के जाड़ापानी क्षेत्र में है। दोनों भाई तीन जून की रात अपने मामा की टैक्सी लेकर राजस्थान से हल्द्वानी पहुंचे थे। योजना स्मैक की डिलीवरी देने के बाद ससुराल जाने की थी लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
वाहनों से जुड़ा है रवि का कारोबार
गजब सिंह के खिलाफ राजस्थान में आबकारी और एनडीपीएस एक्ट के तहत चार प्राथमिकी दर्ज हैं जबकि सीताराम का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। आरोपियों के अनुसार काठगोदाम निवासी रवि वाहनों के कारोबार से जुड़ा है और वही इस नशे के कारोबार को पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंचाने का काम कर रहा था।
तो राजस्थान से भी हो रही है स्मैक तस्करी
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस की उस धारणा को भी झटका लगा है कि उत्तराखंड में आने वाली अधिकतर स्मैक केवल बरेली और शाहजहांपुर से ही पहुंचती है। एसएसपी ने स्वीकार किया कि राजस्थान से स्मैक तस्करी का यह पहला बड़ा मामला सामने आया है। तीन राज्यों की सीमाएं पार कर यह खेप हल्द्वानी तक पहुंच गई जिससे कानून-व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर भी सवाल खड़े हुए हैं।










