Uttarakhand News 26 June 2026: पेट्रोल व डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों व बढ़ती महंगाई के बीच व्यावसायिक वाहनों का किराया व मालभाड़ा बढ़ाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है।
परिवहन मुख्यालय ने मौजूदा परिस्थितियों के दृष्टिगत किराया निर्धारण समिति को नए सिरे से रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस रिपोर्ट को राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) की बैठक में रखा जाएगा, जहां इस पर निर्णय होगा।
परिवहन व्यवसाय से जुड़े वाहनों के लिए विभाग ने हर वर्ष किराया निर्धारण करने की व्यवस्था की हुई है। इसके लिए एक समिति गठित है जो बाजार की स्थिति को देखते हुए किराये का निर्धारण कर अपनी रिपोर्ट एसटीए को सौंपती है। प्राधिकरण की बैठक में इस रिपोर्ट के आधार पर किराया निर्धारण किया जाता है।
प्रदेश में वर्ष 2023 में यात्री वाहन किराया व मालभाड़ा तय किया गया था। इसके बाद विभिन्न कारणों से यह विषय लंबित रहा है। इस वर्ष तेजी से बदले वैश्विक परिदृश्य के बीच पेट्रोल व डीजल की कीमतों में काफी उछाल आया है। ऐसे में व्यावसायिक वाहन संचालकों ने यात्री किराया बढ़ाने की मांग उठाई है।
उनका तर्क है कि मौजूदा किराये की दर में उन्हें न केवल वाहन संचालन करने में काफी परेशानी हो रही है बल्कि चालक-परिचालकों का वेतन निकालना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में किराया व मालभाड़े की दरों को बढ़ाना आवश्यक है।
इस पर परिवहन मुख्यालय ने यह विषय संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव मेहरा की अध्यक्षता में गठित समिति को सौंपा है। समिति से कहा गया है कि बाजार में ईंधन की दरों, स्पेयर पार्ट्स, बीमा और रखरखाव पर होने वाला खर्च का आंकलन करते हुए वाहन किराया व मालभाड़े की रिपोर्ट तैयार की जाए।
अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह का कहना है कि इस संबंध में मोटर यूनियनों के पत्र प्राप्त हुए हैं। इस पर किराया निर्धारण समिति से रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट मिलने पर आगे कदम उठाया जाएगा।
चुनावी वर्ष होने के कारण निर्णय नहीं आसान
प्रदेश में अगले वर्ष मार्च से पहले प्रदेश में चुनाव होने हैं। यानी चुनाव के लिए अब आठ माह का समय ही शेष बच रहा है। जाहिर है कि वाहनों में यात्री किराया बढऩे से आमजन की जेब पर भार पड़ेगा। ऐसे में किराये बढ़ाने का निर्णय परिवहन मुख्यालय के लिए आसान नहीं होगा।










