Uttarakhand News 29 Aug 2026: स्मार्टफोन में आपकी निजी जानकारी से लेकर बैंकिंग से जुड़े जरूरी दस्तावेज तक सुरक्षित रहते हैं। यही वजह है कि साइबर अपराधियों की नजर भी अब मोबाइल फोन पर है।

फर्जी लिंक, संदिग्ध एपीके फाइल और नकली वेबसाइट के जरिए साइबर ठग मोबाइल यूजर की गोपनीय जानकारी हासिल कर उसे आर्थिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में मोबाइल की एक सुरक्षा सेटिंग साइबर हमलों के खतरे को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।

साइबर सेल ने लोगों को साइबर अपराध से बचाने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने एंड्रायड मोबाइल में उपलब्ध एडवांस्ड प्रोटेक्शन, डिवाइस प्रोटेक्शन फीचर को सक्रिय रखने की सलाह दी है। उनका कहना है कि साइबर अपराध से बचाव के लिए तकनीकी सुरक्षा के साथ जागरूकता भी बेहद जरूरी है।

ऐसे करें सुरक्षा सेटिंग ऑन
मोबाइल को सुरक्षित रखने के लिए यूजर को सबसे पहले सेटिंग में जाना होगा।
इसके बाद गूगल विकल्प पर क्लिक कर आल सर्विस में जाएं।
यहां एडवांस्ड प्रोटेक्श विकल्प चुनने के बाद डिवाइस प्रोटेक्शन को टर्न ऑन करना होगा।

एपीके फाइल डाउनलोड करने से पहले रहें सतर्क
साइबर ठग अक्सर व्हाट्सऐप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफार्म के माध्यम से एपीके फाइल भेजते हैं।
ये फाइलें कई बार किसी सरकारी सेवा, बैंक, नौकरी, बिजली बिल या अन्य जरूरी काम के नाम पर भेजी जाती हैं।
इन्हें डाउनलोड करने से मोबाइल में मालवेयर आने और निजी जानकारी चोरी होने का खतरा रहता है।
फर्जी लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी
साइबर अपराधी लोगों को आकर्षक संदेश भेजकर फर्जी लिंक पर क्लिक करने के लिए प्रेरित करते हैं। लिंक खोलने के बाद यूजर को असली जैसी दिखने वाली वेबसाइट पर ले जाकर बैंकिंग अथवा निजी जानकारी मांगी जा सकती है। इसके बाद ठगी की घटना को अंजाम दिया जाता है। इसलिए अनजान नंबर या संदिग्ध स्रोत से आए लिंक को खोलने से बचना चाहिए।

मोबाइल में मौजूद डेटा भी रहता है निशाने पर
आजकल मोबाइल में फोटो, दस्तावेज, पासवर्ड, बैंकिंग एप और दूसरी निजी जानकारियां रहती हैं। ऐसे में मोबाइल की सुरक्षा में लापरवाही साइबर अपराधियों को संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने का रास्ता दे सकती है। सुरक्षा फीचर ऐसे खतरों से बचाव में मदद करता है।

मोबाइल में उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं को सक्रिय रखें और किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल पर भरोसा न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओटीपी, पासवर्ड, बैंकिंग पिन और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। – नीरज भाकुनी, साइबर सेल प्रभारी पिथौरागढ़