Uttarakhand News 22 Oct 2026: बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने की तिथि व मुहूर्त तय करने के साथ ही मंगलवार को उत्सव डोली यात्रा और कपाट बंद करने से पूर्व होने वाली पंच पूजा कार्यक्रम भी तय कर दिए गए। धाम में पंच पूजा 12 नवंबर को शुरू होंगी, जबकि डोली यात्रा 15 नवंबर को शीतकालीन गद्दीस्थलों की ओर प्रस्थान करेगी।
विजयदशमी पर्व पर मंदिर परिसर में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़, धर्माधिकारी आचार्य स्वयंवर सेमवाल, वेदपाठी डा. रवींद्र भट्ट व आचार्य वाणी विलास डिमरी की मौजूदगी में रावल अमरनाथ नंबूदरी ने कपाट बंद होने की तिथि व मुहूर्त की घोषणा की।
इस मौके पर दंडी स्वामी मुकुंदानंद सरस्वती, बीकेटीसी के पूर्व उपाध्यक्ष किशोर पंवार, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, पूर्व सदस्य भास्कर डिमरी, पं. मोहित सती, पंडा पंचायत के अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी, उपाध्यक्ष सुधाकर बाबुलकर, माणा के पूर्व प्रधान पीतांबर मोल्फा, बाबा उदय सिंह, अतुल डिमरी, संजय तिवारी, राहुल नेगी, सत्येंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।
17 नवंबर : रावल अमरनाथ नंबूदरी की अगुआई में भगवान नारायण के प्रतिनिधि उद्धवजी, खजांची कुबेरजी, भगवान के वाहन गरुड़जी व आदि शंकराचार्य की गद्दी डोली यात्रा शीतकालीन प्रवास स्थल योग-ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेगी। गरुड़जी की डोली यहां से सीधे ज्योतिर्मठ रवाना हो जाएगी, जबकि उद्धवजी व कुबेरजी के विग्रह मंदिर में विराजमान होंगे।
18 नवंबर : आदि शंकराचार्य की गद्दी डोली पांडुकेश्वर से ज्योतिर्मठ पहुंचकर नृसिंह मंदिर में विराजमान होगी।
पंच पूजा के कार्यक्रम
12 नवंबर : गणेश मंदिर के बंद होंगे कपाट
13 नवंबर : आदि केदारेश्वर मंदिर व आदि शंकराचार्य मंदिर के बंद होंगे कपाट
14 नवंबर : खडग पुस्तक पूजन और वेद ऋचाओं का वाचन बंद होगा
15 नवंबर : माता लक्ष्मी को लगेगा कढ़ाई भोग, भगवान नारायण के साथ गर्भगृह में विराजमान होने का दिया जाएगा न्योता
16 नवंबर : माता लक्ष्मी गर्भगृह में होंगी विराजमान, कुबेरजी व उद्धवजी गर्भगृह से आएंगे बाहर, इसके बाद रात 9:37 बंद किए जाएंगे धाम के कपाट
उम्मीद है कि बदरीनाथ व केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने से पहले देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दोनों धाम पहुंचेंगे। कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन यात्र को प्रोत्साहित किया जाएगा। – हेमंत द्विवेदी, अध्यक्ष, बीकेटीसी
13 नवंबर को ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होंगे बाबा केदार
रुद्रप्रयाग: विजयदशमी पर्व पर बाबा केदार, द्वितीय केदार बाबा मध्यमेश्वर व तृतीय केदार बाबा तुंगनाथ के उत्सव डोली यात्रा के कार्यक्रम भी तय किए गए। पंचगद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में तय हुआ कि कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली 11 नवंबर को रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी।
12 नवंबर को डोली यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी और 13 नवंबर को ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचकर गर्भगृह में विराजमान होगी। तृतीय केदार बाबा तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली छह नवंबर को सुरम्य बुग्यालों से होते हुए चोपता, सात नवंबर को भनकुंड और आठ नवंबर को शीतकालीन गद्दीस्थल मार्कंडेय मंदिर मक्कूमठ पहुंचेगी।
वहीं, द्वितीय केदार बाबा मध्यमेश्वर की उत्सव डोली 16 नवंबर को गौंडार, रांसी और गिरिया गांव सहित विभिन्न पड़ावों से होते हुए 19 नवंबर को ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। इसी निमित्त यहां भव्य मेले का आयोजन होगा।
इस मौके पर प्रधान पुजारी बागेश लिंग, शिव लिंग, मंदिर प्रभारी कुलदीप भट्ट, विश्वमोहन जमलोकी, श्रीवर्ध जमलोकी, देवी प्रसाद तिवारी, वन पंचायत प्रतिनिधि फतेह सिंह पंवार, शिव शरण पंवार, शिवानंद पंवार, अर्जुन रावत, दिनेश गुसाईं, मठापति मुकेश मैठाणी व प्रबंधक प्रकाश पुरोहित सहित मंदिर समिति के अधिकारी, आचार्यगण और हक-हकूकधारी मौजूद रहे।










