Uttarakhand News 16 April 2026: हल्द्वानी के फतेहपुर स्थित निजी स्कूल में बुधवार मासूम बच्चों के सामने उनका एक साथी चक्कर खाकर गिरा और फिर नहीं उठा। स्कूल प्रबंधन की सूचना पर माता-पिता पहुंचे और उसे मुखानी के निजी अस्पताल ले गए। यहां से उसे एसटीएच रेफर किया गया लेकिन वहां पहुंचने तक उसकी मौत हो गई। परिवार वालों के आवेदन पर मजिस्ट्रेट ने पोस्टमार्टम न करने की अनुमति दी।
फतेहपुर निवासी 12 वर्षीय बालक क्षेत्र के एक निजी स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। तीन दिन से उसे चक्कर आने की शिकायत थी। परिवार वालों ने उसका इलाज भी कराया। बुधवार को बच्चे ने मां से स्कूल जाने की जिद की। इस पर घर वालों ने उसे स्कूल भेज दिया। परिवार वालों को आभास भी नहीं था कि उनके जिगर का टुकड़ा अब नहीं लौटेगा।
कक्षा में पढ़ाई के दौरान बच्चा चक्कर आने के कारण गिर गया। बच्चों के शोर मचाने पर पूरा स्टाफ कक्षा कक्ष में पहुंच गया। तत्काल उसके माता-पिता को बुलाया गया। परिजन बच्चे को लेकर मुखानी स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे। यहां से उसे रेफर कर दिया गया। बच्चे को एसटीएच लाया गया लेकिन यहां लाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
परिजनों ने सिटी मजिस्ट्रेट से मिलकर शव का पोस्टमार्टम न कराने की मांग की। परिजनों की मांग पर सिटी मजिस्ट्रेट ने पोस्टमार्टम न कराने का आदेश जारी किया।
बेटे के शव से लिपटी रही मां
पोस्टमार्टम हाउस के स्ट्रेचर पर बच्चे का शव पड़ा था उससे लिपटकर मां रो रही थी। बच्चे का नाम लेकर उसे उठा रही थी। उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। इस दृश्य को जिसने भी देखा उसकी आंखें नम हो गईं। मां ने एक हाथ के सिर के नीचे लगाया था और दूसरे हाथ से उसके गाल, आंख को सहलाते हुए उसे उठाने की कोशिश कर रही थी।










