Uttarakhand News 24 Aug 2026: चारधाम सड़क परियोजना में यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग के अंदर फिर भूस्खलन का मामला सामने आया है। सुरंग के पोलगांव बड़कोट छोर से करीब डेढ़ किमी अंदर भूस्खलन होने की सूचना है।
इससे सुरंग के अंदर मलबा पसर गया है। वहीं, निर्माणाधीन सुरंग में मलबे से सुरक्षा काे लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि निर्माण कंपनी ने खतरे से इनकार किया है।
बता दें कि वर्ष 2023 में सिलक्यारा सुरंग के अंदर सिलक्यारा छोर से करीब 200 मीटर अंदर भारी भूस्खलन हुआ था, जिसके चलते सुरंग निर्माण में लगे 41 श्रमिक अंदर फंस गए थे, जिन्हें 17 दिन तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल बाहर निकाला गया था। लेकिन उस हादसे के बाद भी सुरंग में भूस्खलन की घटनाएं नहीं थमी हैं।
डेढ़ किमी अंदर मलबा गिरने की खबर
सोमवार फिर सुरंग के पोलगांव बड़कोट छोर से करीब डेढ़ किमी अंदर भूस्खलन की तस्वीरें व वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हुई। इस संबंध में निर्माण कंपनी नवयुगा इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री राम का कहना है कि निर्माणाधीन सुरंग में मलबा गिरता रहता है।
2018 में शुरू हुआ था निर्माण
बताया कि करीब 1300 मीटर अंदर कुछ मलबा गिरा है, जिसे बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे लेकर किसी भी चिंताजनक स्थिति से इंकार किया। उल्लेखनीय है कि सिलक्यारा सुरंग का निर्माण वर्ष 2018-शुरू हुआ था, जिसे वर्ष 2022 तक बनकर तैयार होना था। लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते इसका निर्माण पूरा नहीं हो पाया।
वर्ष 2024 में इस सुरंग को सफलतापूर्वक आर-पार किया गया, वर्तमान में सुरंग का लगभग 90 फीसदी सिविल कार्य पूरा हो चुका है और मार्च 2027 तक सुरंग का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह राज्य की सबसे लंबी निर्माणाधीन सड़क सुरंग है, जिसकी लंबाई 4.5 किमी है।










