Uttarakhand News 05 Aug 2026: रजिस्ट्री घोटाले में नामजद सहारनपुर के कुंवरपाल सिंह उर्फ केपी सिंह की मौत के बाद अब बागडोर उसकी पत्नी व बेटों ने संभाल ली है। वर्षों पहले मल्हान ग्रांट में जिस जमीन के फर्जी दस्तावेज केपी सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर बनाए थे, अब उस जमीन पर कब्जा करने के लिए उसकी पत्नी, दो बेटे व 10 लोग अन्य पहुंच गए।
आरोपितों ने जमीन पर जेसीबी चलाकर तारबाड़ तोड़ दी। इस मामले में पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने 12 आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी तहरीर में अशोक गोयल निवासी न्यू फ्रेंड्स कालोनी, दिल्ली ने तहरीर दी कि उनकी मौजा मल्हान ग्रांट, तहसील विकासनगर में जमीन है। राजस्व अभिलेखों में जमीन उनके नाम दर्ज है। जमीन पर वह खेतीबाड़ी करते हैं। उनके चाचा संदीप गोयल मृत्यु से पूर्व लंबे समय तक क्रानिक सिजोफ्रेनिया गंभीर बीमारी से ग्रसित थे।
नकी इस अवस्था का फायदा उठाते हुए प्रफुल्ल शर्मा एवं कुंवरपाल सिंह ने षड़यंत्र रचकर उन्हें अपने प्रभाव में लेकर फर्जी कूटरचित दस्तावेज बना दिए। शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ समय पूर्व कुंवरपाल सिंह के बेटे अभिनव सिंह व अभय सिंह, पत्नी पूनम चौधरी, प्रफुल्ल शर्मा सहित अन्य ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनके चाचा संदीप गोयल की जमीन पर अवैध रूप से अपना हक जताते हुए कब्जा करने का प्रयास किया।
आरोपितों ने उनके चाचा की जमीन के साथ लगती उनकी जमीन को भी खुर्द बुर्द कर रहे हैं। जमीन की सुरक्षा के लिए उन्होंने तारबाड़ लगाई हुई है, जिसे आरोपितों ने 12 जुलाई को तोड़ दिया और रोकने पर उन्हें व उनके कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी।
इन आरोपितों के विरुद्ध किया गया मुकदमा
प्रफुल्ल शर्मा, निवासी एकता विहार, सहस्रधारा रोड रायपुर
अभिनव सिंह, अभय सिंह व पूनम चौधरी तीनों निवासी मोहल्ला सुजातपुर सहारनपुर, उत्तर प्रदेश
रईस अहमद, निवासी क्लेमेनटाउन
मंजर आलम, निवासी क्लेमेनटाउन
नरेश राणा, निवासी मेघवाल कालोनी नयागांव
हरेंद्र नेगी, निवासी रतनपुर नयागांव
मनोज बुटोला, निवासी रतनपुर
विजय सिंह नेगी, निवासी रजनपुर नयागांव
उम्मेद सिंह नेगी, निवासी रतनपुर नयागांव
रविंदर सिंह, निवासी मल्हान पटेलनगर
20 अक्टूबर 2023 को हुई थी केपी सिंह की मौत
देहरादून में हुए बहुचर्चित रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में सहारनपुर जेल में बंद मुख्य आरोपितों में से एक केपी सिंह (कुंवर पाल) की 20 अक्टूबर 2023 को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। आठ सितंबर को दून पुलिस उसे बी-वारंट पर दून भी लाई थी। यहां उससे रजिस्ट्री फर्जीवाड़े से संबंधित साक्ष्य बरामद किए गए थे।
इसके बाद उसे वापस सहारनपुर जेल भेज दिया गया। केपी इस फर्जीवाड़े की अहम कड़ी था। रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में नाम सामने आने के बाद केपी ने गिरफ्तारी के डर से एक पुराने मामले में अपनी जमानत तुड़वाकर सहारनपुर कोर्ट में समर्पण कर दिया था। इसके बाद आठ सितंबर 2023 को दून पुलिस उसे बी-वारंट पर सहारनपुर जेल से दून लाई थी।










