Uttarakhand News 27 April 2026: डिजिटल दौर में रिश्ते बनाना जितना आसान हुआ है, उतना ही खतरनाक भी। आई लव यू से शुरू होने वाली ऑनलाइन बातचीत कब ब्लैकमेलिंग और पैसों की वसूली में बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। हाल के मामलों में सामने आया है कि रोमांस स्कैम अब एक सुनियोजित अपराध बन चुका है, जिसमें अपराधी भावनाओं का इस्तेमाल हथियार की तरह कर रहे हैं। इसके बाद उत्तराखंड एसटीएफ की ओर चेतावनी जारी की गई है।

साइबर अपराधियों का तरीका बेहद शातिर होता है। वे फर्जी पहचान बनाकर डेटिंग और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म्स पर लोगों से संपर्क करते हैं। शुरुआत में मीठी बातें, केयर और भरोसा जीतने की कोशिश की जाती है। धीरे-धीरे बातचीत निजी होती जाती है और सामने वाला व्यक्ति भावनात्मक रूप से जुड़ने लगता है।

यही वह मोड़ होता है, जहां से स्कैम की असली शुरुआत होती है। निजी फोटो, वीडियो या चैट हासिल करने के बाद अपराधी दबाव बनाना शुरू करते हैं। अगर शिकार विरोध करता है, तो उसे ब्लैकमेल कर पैसे की मांग की जाती है। कई मामलों में आरोपी खुद को विदेश में रहने वाला, आर्मी ऑफिसर या बिजनेसमैन बताकर भरोसा जीतते हैं। हालिया केस में भी आरोपियों ने इन्हीं पैटर्न को अपनाते हुए महिलाओं को हनी ट्रैप में फंसाया और उनसे मोटी रकम वसूल की। यह दर्शाता है कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक तयशुदा अपराध चक्र है।

ऑनलाइन मिले किसी भी व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें। निजी फोटो, वीडियो या संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचें। यदि कोई व्यक्ति भावनात्मक दबाव बनाकर कुछ मांगता है, तो इसे तुरंत रेड फ्लैग समझें। संदेह होने पर संपर्क तुरंत बंद कर दें।

हर ऑनलाइन कनेक्शन सुरक्षित नहीं होता। सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। कोई ऑनलाइन ब्लैकमेल करता है और आप पर किसी भी तरह का अनैतिक दबाव बनाता है या पैसे की मांग करता है तो साइबर पुलिस को इसकी सूचना जरूर दें। आप या आपका कोई परिचित ऐसे स्कैम का शिकार होता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।