Uttarakhand News 2 Nov 2026: खिर्सू ब्लाक के ग्राम पंचायत बछेली के तरुली गांव में महिला को मारने वाले गुलदार का 25 दिन बाद भी कोई पता नहीं लग पाया है। वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में लगे ट्रैप कैमरा व सोलर कैमरा भी खंगाले हैं, लेकिन गुलदार की कोई हलचल कैमरों में कैद नहीं हो पाई है।

वहीं, विभागीय वाहन से गांवों से बच्चे स्कूल भेजने व घर लाए जा रहे हैं। सोमवार को वन विभाग की टीम ने बछेली से लेकर तरुली-अमदार व अन्य जगहों पर लगाए गए ट्रैम कैमरा, सोलर कैमरा और पिंजरों का जायजा लिया। लेकिन, यहां गुलदार की कोई हलचल नहीं मिली।

यहां तक के गुलदार के पद चिन्हों के लिए बिछाई गई मिट्टी में भी कोई निशान नहीं मिले हैं। विभागीय स्तर पर क्षेत्र में गश्त की जा रही है। दूसरी तरफ लगानू, बछेली, तरुली, अमदार के ग्रामीण अब भी शाम ढलते ही घरों में दुबक रहे हैं।

खेतीबाड़ी व पशुओं के लिए चारा के लिए महिलाएं समूह में जा रही हैं। गढ़वाल वन प्रभाग की एसडीओ आइशा बिष्ट ने बताया सोमवार को लगानू से लेकर अमदार तक लगाए गए ट्रैम कैमरा, सोलर कैमरा व पिंजरों का निरीक्षण किया गया।

लेकिन गुलदार की कोई भी गतिविधि कैद नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि गश्त दल क्षेत्र में तैनात है। साथ ही गांवों से खंडाह स्कूल जाने वाले बच्चों को विभागीय वाहन से भेजा जा रहा है। घटना के बाद अगले दस दिनों में दो बार गुलदार दिखाई दिया था।

साथ ही ग्रामीणों ने आवाज भी सुनी थी। यहां तक कि एक दिन ग्रामीणों द्वारा एक साथ चार गुलदार देखने की बात भी कही गई थी। लेकिन बीते दस दिनों से क्षेत्र में गुलदार की कोई सक्रियता नहीं दिखी है। उन्होंने बताया कि चारों तरफ घनी झाड़ियां होने के कारण भी गुलदार के बारे में जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है।

बता दें कि बीते 9 अक्टूबर को तरुली गांव निवासी बीना देवी को उनके घर से करीब एक सौ मीटर की दूरी पर गुलदार ने हमला कर मार दिया था। घटना के दौरान महिला खेत में अपने पालतू मवेशियों के लिए घास काट रही थी।

घटना के विरोध में अगले दिन क्षेत्रीय ग्रामीणों ने खंडाह में श्रीनगर-पौड़ी-कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाया था, जिस पर वन विभाग ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर दिया था। लेकिन घटना के बाद से गुलदार वन विभाग की पकड़ से बाहर है।