Uttarakhand News 3 June 2026: वन विभाग में वन्यजीवों की रक्षा करने वाले वन क्षेत्राधिकारी किशन आनंद ने पढ़ाई नहीं छोड़ी। वह सिविल सर्विसेज में सफलता के लिए जुटे रहे।
बीटेक, एमटेक तक की पढ़ाई कर चुके किशन ने एक बार फिर राज्य सिविल प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2024 में सफलता हासिल की है। वह उप शिक्षा अधिकारी बने हैं।
वन क्षेत्राधिकारी के पद पर तैनात
रामनगर के मालधनचौड़ निवासी किशन आनंद अभी टोंस डिवीजन की सिंगतूर रेंज में बतौर वन क्षेत्राधिकारी के पद पर तैनात हैं। उन्होंने मालधनपुर स्थित इंटर कालेज से हाईस्कूल तक की पढ़ाई की थी। इसके बाद सरस्वती विद्या मंदिर, काशीपुर से 12वीं तक की पढ़ाई की।
फिर कुमाऊं इंजीनियरिंग कालेज, द्वाराहाट से बीटेक और गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर से एमटेक किया। इसके बाद उन्होंने बरेली और रामपुर के इंजीनियरिंग कालेजों में पढ़ाया। फिर कोचिंग के लिए दिल्ली चले गए। यहां उन्होंने स्कूलों में बच्चों को वोकेशनल ट्रेनिंग भी दी।
ट्रेनिंग के दौरान की तैयारी
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में उनका वन विभाग में वन क्षेत्राधिकारी के पद पर चयन हुआ। मार्च 2024 से सितंबर 2025 तक चंद्रपुर प्रशिक्षण अकादमी में उनकी ट्रेनिंग हुई। इसी दौरान उन्होंने पीसीएस की तैयारी की।
उन्होंने उप शिक्षा अधिकारी के पद पर चयन होने पर खुशी जताई और कहा कि उन्होंने सरकारी स्कूल में पढ़ाई की है तो वह वहां की चुनौतियों को समझते हैं। ऐसे में वह प्राथमिक स्तर से ही शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए कार्य करेंगे।
ट्रेनिंग के बाद किशन आनंद को हल्द्वानी वन प्रभाग में सितंबर 2025 को तैनाती मिली। यहां वह मार्च 2026 तक रहे। इसके बाद अप्रैल से वह सिंगतूर रेंज में तैनात हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता व पिता को दिया।
उन्होंने बताया कि उनके पिता महेंद्र कुमार रेशम विभाग से बतौर निरीक्षक सेवानिवृत्त हैं, जबकि मां पार्वती देवी 1996 और 2003 में मालधनचौड़ से जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं।










