Uttarakhand News 10 Aug 2026: देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव में टिकटों के आवंंटन को लेकर चल रही कई तरह की कयासबाजी के बीच भाजपा नेतृत्व ने तय किया है कि वर्ष 2027 की चुनावी जंग में पार्टी मौजूदा विधायकों पर ही जीत का दांव लगाएगी। दिल्ली में हुई कोर कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत प्रदेश भाजपा नेतृत्व को यह संदेश दिया गया कि मौजूदा विधायक क्षेत्रों में सक्रिय रहकर डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाएं और जनता की समस्याओं का समाधान कराएं।

हालांकि पार्टी ने यह स्पष्ट किया कि वर्तमान विधायक पार्टी की प्राथमिकता में हैं, लेकिन क्षेत्रीय सक्रियता, संगठन का फीडबैक व सर्वे की रिपोर्ट भी अंतिम रूप से प्रत्याशी चयन का आधार बनेगी।


विधायकों की राजनीतिक परीक्षा शुरू

भाजपा ने मौजूदा विधायकों को मैदान में उतरकर अपना प्रदर्शन साबित करने का मौका दिया है। टिकट पर फिलहाल कोई संकट नहीं, लेकिन उनकी राजनीतिक परीक्षा शुरू हो चुकी है। पार्टी आने वाले महीनों में विधायकों की जनता में पकड़, कार्यकर्ताओं से समन्वय, क्षेत्रीय मुद्दों पर सक्रियता और सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने की क्षमता काे परखेगी। स्थानीय असंतोष दूर करना भी विधायकों की जिम्मेदारी होगी।

हारी सीटों पर सबसे पैनी नजर

भाजपा संगठन ने साफ किया कि चुनावी रणनीति सिर्फ मौजूदा सीटों को बचाने तक सीमित नहीं होगी। पिछले चुनाव में हारी सीटों व कम अंतर से जीती सीटों पर भी संगठन विशेष फोकस करेगा। बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय कर कमजोर कड़ियों की पहचान की जाएगी।

युवा, महिला व लाभार्थी वर्ग को साधने का लक्ष्य

भाजपा संगठन ने प्रदेश नेतृत्व को युवा और महिला मतदाताओं के साथ लाभार्थी वर्ग को भी चुनावी रणनीति के केंद्र में रखने के लिए कहा। रोजगार, विकास, पलायन और स्थानीय सुविधाओं जैसे मुद्दों पर संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए।

25 विधानसभा क्षेत्रों से सीएम को मिला न्योता

मुख्यमंत्री धामी की समाज के विभिन्न वर्गों और भाजपा के भीतर बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इससे लग सकता है कि कई विधानसभा क्षेत्रों से उन्हें चुनाव लड़ने के प्रस्ताव सौंपे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के लिए अलग-अलग समूहों ने पूरे प्रदेश में लगभग 25 विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव व आमंत्रण पत्र भेजा है। इन प्रस्तावों के बीच पार्टी सूत्र चंपावत विधानसभा क्षेत्र को मुख्यमंत्री के लिए अधिक पसंदीदा बता रहे हैं। इसके पीछे चंपावत विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्य हैं।

वर्तमान में मुख्यमंत्री यहीं से विधायक हैं। विकास की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की दृष्टि से यह क्षेत्र एक माडल के रूप में उभरा है। यद्यपि, इस मामले में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री व भाजपा संगठन के स्तर से ही होना है।