Uttarakhand News 14 July 2026: देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए करीब 17 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृत योजनाओं में ऊर्जा दक्ष नलकूप पंपों की स्थापना, सीवर लाइन निर्माण, जोशीमठ भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण, आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता, मंदिर सौंदर्यीकरण तथा खेल सुविधाओं के विकास जैसे कार्य शामिल हैं।
नलकूपों के आधुनिकीकरण और खेल सुविधाओं पर खर्च होगी राशि

मुख्यमंत्री ने नैनीताल जिले की हल्द्वानी शाखा के अंतर्गत विभिन्न नलकूपों पर स्थापित 15 वर्ष से अधिक पुराने पंप सेटों को ऊर्जा दक्ष पंपों से बदलने के लिए 3.01 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी। इससे सिंचाई व्यवस्था अधिक प्रभावी होने के साथ ऊर्जा की बचत भी होगी। देहरादून जिले के रायपुर विधानसभा क्षेत्र के रामगढ़ (वाणी विहार) क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने के लिए 3.11 करोड़ रुपये की योजना को भी स्वीकृति दी गई है।

सीवर लाइन, जोशीमठ भू-धंसाव प्रभावितों, मंदिर सौंदर्यीकरण पर खर्च होगी राशि

चमोली जिले की नगर पालिका परिषद ज्योतिर्मठ में वर्ष 2023 के भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तावित स्लोप स्टेबलाइजेशन कार्यों के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण को राज्य आकस्मिकता निधि से 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

यह राशि भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा उपायों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्राकृतिक एवं दैवीय आपदाओं के मद्देनजर देहरादून जिले की सदर तहसील के ग्राम मझाड़ा और कालीगाड़ के 14 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर किराये के मकानों में आवास उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 3.36 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी है।
प्रत्येक परिवार को 4,000 रुपये प्रतिमाह की दर से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी

प्रत्येक परिवार को 4,000 रुपये प्रतिमाह की दर से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मिलम स्थित नंदा देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 90.16 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं उत्तरांचल प्रेस क्लब को खेल सामग्री खरीदने के लिए पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी स्वीकृत की गई है।

सरकार का मानना है कि इन स्वीकृतियों से आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलने के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यों में तेजी आएगी, जबकि धार्मिक और खेल गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।