Uttarakhand News 9 Sep 2026: Neem Karoli Baba: देश-विदेश से हजारों भक्त बाबा नीम करौरी का आशीर्वाद लेने उत्तराखंड के कैंची धाम आते हैं। बाबा को भगवान हनुमान का अवतार माना जाता है। उत्तराखंड म में बाबा के चार धाम हैं। जहां हजारों भक्त दर्शन को पहुंचते हैं।

नीब करौरी बाबा के भक्तों एक आम आदमी से लेकर अरबपति तक शामिल हैं। उनके भक्तों की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली जैसी दिग्गज हस्तियां भी हैं। बाबा के भक्तों के नाम और उनके अद्भुत किस्‍से सुन आप भी दंग रह जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बाबा नीम करौरी महाराज के भक्त हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रधानमंत्री मोदी को बाबा नीम करौरी महाराज की तस्वीरें भेंट की हैं।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा: क्रिकेटर विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा नीम करौरी बाबा के अगाध भक्तों में से एक हैं। वह अक्सर बाबा के आश्रम पहुंचते हैं।

मनोज बाजपेयी: कुछ वर्ष पहले बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेयी कैंची धाम आए थे। तब उन्हें कोई काम नहीं मिल रहा था। उन्होंने यहां ध्यान लगाया। जिसके बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। इसी दौरान उन्हें अपनी फिल्म मिली।

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जूलिया रॉबर्ट्स: हॉलीवुड स्टार जूलिया रॉबर्ट्स कई बार नीम करौरी बाबा के आश्रम आई। बताया जाता है कि बाब की तस्वीर देखने के बाद हिंदू धर्म की तरफ उनका रुझान बढ़ा था।

राम दास: अमेरिकी आध्यात्मिक गुरु राम दास 1967 नीम करौरी बाबा से मिले। बाबा ने ही उन्हें ‘राम दास’ नाम दिया। गुरु राम दास ने अपनी किताब (Be Here Now) में अपने बाबा से साथ अपने अनुभव साझा किए हैं।

स्टीव जॉब्स: आध्यात्मिक गुरु राम दास की किताब पढकर एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स इतने प्रभावित हुए कि 1974 में भारत आए। नीम करौरी बाबा से मिलने के लिए कैंची धाम पहुंचे। वह आश्रम में भी रहे।

मार्क जुकरबर्ग : 2015 में स्टीव जॉब्स की सलाह पर मार्क जुकरबर्ग ने नीम करौरी बाबा के आश्रम पहुंचे और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। साल 2015 में जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका में फेसबुक के मुख्यालय गए थे, तब एक मीटिंग के दौरान मार्क जुकरबर्ग ने खुद ये बात बताई थी।

ये हैं बाबा के रहस्य
एक विदेशी भक्त पति को लेकर बाबा के पास पहुंची। पति को उन पर भरोसा नहीं था। वह आश्रम से चला गया और नदी के पास जाकर खड़ा हो गया। बाबा भी वहीं पहुंच गए। बाबा ने उसे उसके मन में चल रही सभी बातें बता दीं।
बाबा एक बार ट्रेन के फर्स्ट क्लास कम्पार्टमेंट में सफर कर रहे थे। जब टिकट चेकर आया तो बाबा के पास टिकट नहीं था। बाबा को अगले स्टेशन में उतार दिया गया। लेकिन ट्रेन आगे नहीं बढ़ी। तब एक भक्‍त ने बाबा के चमत्‍कार के बारे में बताया। बाबा को ट्रेन में बैठाया गया और तब ट्रेन चली।
स्थानीय लोग बताते हैं कि बाबा ने एक भक्त को कड़ी धूप में बादल की छतरी बनाकर दी थी।
बाबा ने भंडारे के दौरान नदी के पानी को घी में बदल दिया था।

उत्तराखंड में हैं बाबा के ये चार धाम
कैंची धाम
काकड़ीघाट धाम
हनुमान गढ़ी धाम
भूमियाधार धाम

बाबा को क्यों चढ़ाया जाता है कंबल?
स्थानीय लोगों के मुताबिक बाबा कंबल से अपनी शक्तियों को छिपाते हैं। वहीं अमेरिकी आध्यात्मिक गुरु राम दास ने भी अपनी किताब में भी बाबा के कंबल का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि बाबा हमेशा कंबल ओढ़ते थे, इसलिए बाबा को कंबल चढ़ाया जाता है।