Uttarakhand News 6 June 2026: देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी दून की बढ़ती राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु एक वर्ष के भीतर तीसरी बार दून आ रही हैं।
उत्तराखंड के इतिहास में संभवतः यह पहला अवसर है, जब किसी राष्ट्रपति का एक साल के भीतर तीसरी बार देहरादून दौरा हो रहा है। राष्ट्रपति 12 जून को दून पहुंचेंगी और राष्ट्रपति निकेतन में रात्रि विश्राम करेंगी। अगले दिन 13 जून को वह भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) की पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
ये रहे राष्ट्रपति मुर्मु के दौरे
राष्ट्रपति मुर्मु इससे पहले 20 जून 2025 में राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन का लोकार्पण करने देहरादून आई थीं। इसके बाद तीन नवंबर को भी उन्होंने दून का दौरा किया और राष्ट्रपति निकेतन में हार्स एरिना व मुख्य मार्ग पर बने फुटओवर ब्रिज का लोकार्पण किया।
अब तीसरी बार उनका आगमन राष्ट्रपति निकेतन की बढ़ती अहमियत और दून की राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर इन दिनों राष्ट्रपति निकेतन व आइएमए में व्यापक तैयारियां चल रही हैं। राष्ट्रपति निकेतन परिसर की सुरक्षा, सौंदर्यीकरण और आगंतुक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
वहीं, आइएमए में पासिंग आउट परेड की रिहर्सल चरम पर है। जेंटलमैन कैडेट कदमताल और ड्रिल का अंतिम अभ्यास कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों, जिला प्रशासन, सेना और राष्ट्रपति सचिवालय के अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बैठकों का दौर जारी है। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए पूरे राजपुर रोड क्षेत्र और आइएमए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की जा रही है।
करीब एक लाख लोग कर चुके भ्रमण
राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति निकेतन (पूर्व में राष्ट्रपति आशियाना) आज देहरादून की नई पहचान बन चुका है। 352 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक परिसर को पिछले वर्ष आमजन के लिए खोलने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राष्ट्रपति सचिवालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक वर्ष में राष्ट्रपति निकेतन में लगभग एक लाख लोग भ्रमण कर चुके हैं।
विकसित किया जा रहा राष्ट्रपति उद्यान
175 एकड़ में फैले परिसर में 132 एकड़ में राष्ट्रपति उद्यान विकसित किया जा रहा है, जिसे लंदन के प्रसिद्ध हाइड पार्क की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। इसका कार्य अंतिम चरण में है। इसमें तितली गृह, पक्षीशाला, सुरम्य झील, साइकिल ट्रैक, सार्वजनिक पुस्तकालय, फूड प्लाजा और मुक्ताकाशी रंगमंच जैसी सुविधाएं होंगी। इसके पूरा होने के बाद प्रतिवर्ष करीब 20 लाख पर्यटकों के पहुंचने का अनुमान है। माना जा रहा है कि दौरे के दौरान राष्ट्रपति इस उद्यान का लोकार्पण कर सकती हैं।










