Uttarakhand News 22 May 2026: नैनीताल जिले के भवाली के ढैलागांव के पास बृहस्पतिवार दोपहर एक कार के गहरी खाई में गिरने से चुफाल परिवार खत्म हो गया। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र ने खाई से आवाज लगाकर मदद की गुहार भी लगाई लेकिन खाई में घने पेड़ों के बीच उनकी आवाज गुम हो गई और वे जिंदगी से जंग हार गए।
ढैलागांव के पास बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे खाई से एक भयंकर और डरावनी आवाज आई। इस आवाज से आसपास के लोग सहमे तो थोड़ी ही देर में सड़क पर फूड वैन लगाने वाले युवक ने बताया कि कोई कार खाई में गिर गई है। इस पर स्थानीय वाहन चालक नितिन, पारस, पंकज कुमार, अमन, सोहित, कमल, विरेंद्र दनाई, सुनील कुमार, पवन सनवाल, हिमांशु बिष्ट, रवि कुमार मौके पर पहुंचे। वह सड़क से नीचे उतरे तो उन्हें कुछ नजर नहीं आया। मगर यह बात पक्की थी कोई वाहन नीचे गिरा है, लिहाजा सभी लोग थोड़ा और नीचे उतरे। काफी खोजबीन के बाद भी उन्हें वाहन तो नहीं दिखा मगर एक जगह पेड़ पर गहरे निशान दिख गए जिससे यह तय हो गया वाहन नीचे खाई में समा गया है। हिम्मत कर सभी लोग खाई में पहुंचे तो मंजर भयावह था। लाल रंग की कार के वहां परखचे उड़े हुए थे। घटना के चश्मदीद नितिन और पारस के मुताबिक कार मालिक भूपेंद्र सिंह चुफाल कार से थोड़ा ऊपर की ओर पहुंचे हुए थे। ऐसे में माना जा रहा है कि दुर्घटना के बाद उन्होंने लोगों को खबर देने की कोशिश की और आवाज लगाई। मगर खाई की दुश्वारियों के चलते उनकी आवाज ऊपर नहीं पहुंच सकी और मौत से जंग में आखिरकार भूपेंद्र हार गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार चालक की सांसें तब चल रहीं थीं, मगर समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाने के चलते उसकी मौत हो गई।
समय से नहीं पहुंची एंबुलेंस, नेटवर्क के लिए परेशान रहे लोग
सेनिटोरियम-रातीघाट मोटर मार्ग पर ढैला गांव में कार दुर्घटना के दो घंटे बाद तक मौके पर एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई। इसके चलते मृतकों के शवों को निजी वाहन से भवाली सीएचसी पहुंचाया गया। नेटवर्क की कमी के चलते भी समय से घटना का पता नहीं चल पाया। ढैला गांव में सड़क हादसे की सूचना स्थानीय वाहन चालकों और पुलिस को काफी देर से मिल पाई। डेढ़ घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोगों ने रस्सी और हाथ बांधकर मृतकों को खाई से बाहर निकाला। वाहन चालकों ने कहा कि नेटवर्क की समस्या के चलते भी सूचना समय से नहीं मिल पाई। दूसरी ओर ढैला गांव में दोपहर एक बजे हादसा होने के दो घंटे तक घटनास्थल पर एक भी एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने कहा कि सूचना देने के बाद भी समय से एंबुलेंस नहीं आने से मृतकों के शवों को निजी वाहनों से भवाली सीएचसी लाया गया। इसको लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
भीड़ देखकर दिल बैठा…लाल कार सुनते ही ही वज्रपात
ढैला गांव में सड़क हादसे में मृत भूपेंद्र सिंह चुफाल का साला राजेश रावत और उनकी पत्नी स्कूटी से दीदी-जीजा के कार की खोजबीन में भवाली की तरफ आ रहे थे। दीदी, जीजाजी का नंबर नहीं लग पाने के चलते वह काफी परेशान थे। वह ढैला गांव पहुंचे तो उन्होंने भीड़ देखी। लोगों से भीड़ का कारण पूछा तो पता चला की एक कार खाई में जा गिरी। कार का रंग पूछने पर पता चला कि कार लाल रंग की है जिसमें पांच लोग हैं। ऐसा सुनते ही राजेश रावत और उनकी पत्नी सहम गए। बाद में पता चला की खाई में गिरी कार उनके दीदी-जीजा की ही है तो दोनों बहदवास हो गए। दोनों को रोता देख स्थानीय लोग भी भावुक हो गए।
एंबुलेंस अगर समय से नहीं पहुंची तो इसका पता लगाकर जांच की जाएगी। जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
हादसा के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रथमदृष्टया हादसे की वजह चालक की ओर से वाहन से नियंत्रण खो देना लग रहा है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।










