Uttarakhand News 20 May 2026: उत्तराखंड में मौसम के तेवर तल्ख हो गए हैं और मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी का प्रकोप है। शुष्क मौसम के बीच लू के थपेड़े बेहाल कर रहे हैं।

देहरादून, हरिद्वार समेत आसपास के क्षेत्रों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब या उससे अधिक पहुंच गया है। जिससे जनजीवन हलकान है।

पहाड़ों पर भी चटख धूप से चिलचिलाती गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिन लू का प्रकोप बना रह सकता है। इसे लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें।

मंगलवार को देहरादून समेत आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही चटख धूप खिली रही। जिससे दोपहर तक गर्म हवा के थपेड़ों के साथ झुलसाने वाली गर्मी महसूस की गई। दिनभर लू चलती रही और खुले में घूमना दूभर हो गया। शाम को भी उमस और गर्म हवा का असर रहा।

इस बीच दून का तापमान भी सामान्य से साढ़े डिग्री सेल्सियस अधिक 39.7 रिकार्ड किया गया। इसके अलावा रुड़की में यह 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। ऊधमसिंह नगर के विभिन्न क्षेत्रों में भीषण गर्मी की मार रही।

ज्यादातर मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री सेल्सियस अधिक पहुंच गया है। जबकि पहाड़ों पर भी तापमान पसीने छुड़ा रहा है। मसूरी और नैनीताल में भी पारा सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तराखंड में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहने का अनुमान है। अगले दो दिन देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर व आसपास के मैदानी क्षेत्रों में लू (हीटवेव) को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तापमान में भी वृद्धि हो सकती है। पहाड़ों में गुरुवार से आंशिक बादल छाने के आसार हैं।

शहर, अधिकतम, न्यूनतम
देहरादून, 39.7, 23.1
ऊधमसिंह नगर, 40.2, 23.9
मुक्तेश्वर, 29.5, 15.2
नई टिहरी, 27.9, 16.8

उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में लू से बचाव के लिए बरतें सावधानी
उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। राजधानी देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन बेहाल कर दिया है।

दोपहर के समय घर से बाहर निकलना जोखिम भरा साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने पर हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और बेहोशी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

चिकित्सकों के मुताबिक सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, हृदय रोगियों और हाई ब्लड प्रेशर व डायबिटीज के मरीजों को है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से निकलने से बचें
विशेषज्ञों का कहना है कि लू का असर दोपहर के समय सबसे अधिक होता है। इसलिए अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। यदि जरूरी हो तो सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर निकलें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक धूप में निकलने से बचें।

शरीर में पानी की कमी न होने दें
भीषण गर्मी में शरीर तेजी से पानी खोता है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगी हो। ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ताजे फलों का सेवन फायदेमंद रहेगा। अत्यधिक चाय, काफी और ठंडे कार्बोनेटेड पेय से बचें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, चक्कर, उल्टी, अत्यधिक पसीना या अचानक बेहोशी जैसे लक्षण दिखें तो इसे सामान्य न समझें। तुरंत मरीज को छायादार या ठंडी जगह पर ले जाएं, शरीर को ठंडा करें और तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें।

लू से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
खाली पेट धूप में बाहर न निकलें
बच्चों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें
ताजा और हल्का भोजन करें, बासी खाने से बचें
धूप में से आने के तुरंत बाद ठंडा पानी न पिएं
बाहर काम करने वालों को बीच-बीच में आराम जरूर करना चाहिए
बुजुर्गों और बीमारों की नियमित निगरानी रखें