Uttarakhand News 10 July 2026: भीषण हादसे में गंभीर रूप से घायल अज्ञात व्यक्ति की सांसें उखड़ रही थीं। शरीर में कई गंभीर चोटें थीं और हर पल जिंदगी पर भारी पड़ रहा था। ऐसे समय में सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) के चिकित्सकों ने त्वरित निर्णय, जटिल सर्जरी और समय पर रक्त उपलब्ध कराकर उसे नया जीवन दे दिया।
जानकारी के अनुसार सोमवार तड़के चार बजे 108 एंबुलेंस रुद्रपुर से एक अज्ञात घायल को लेकर एसटीएच पहुंची। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि चेहरे से उसकी पहचान तक संभव नहीं थी। इमरजेंसी में हुई जांच में पता चला कि घायल के पेट की आंतें छाती में फंसने के साथ ही पेशाब की थैली फट चुकी थी। शरीर से लगातार रक्तस्राव हो रहा था। युवक की आंख पर गहरी चोट थी और कूल्हा भी फ्रैक्चर हो चुका था। बेहद नाजुक स्थिति को देखते हुए तुरंत ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. एके सिंह के निर्देशन में डॉ. प्रतीक शाक्य के नेतृत्व वाली टीम ने उसी दिन सुबह जटिल ऑपरेशन किया।
तीन घंटे चला ऑपरेशन
टीम में डॉ. सुमित और डॉ. काजल सहित एनेस्थीसिया डॉ. जहां आरा और नर्सिंग स्टाफ ने अहम भूमिका निभाई। करीब तीन घंटे तक चले ऑपरेशन में फटी आंतों को जोड़ा गया और आंतरिक रक्तस्राव को रोका गया। प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल और एमएस डॉ. अरुण जोशी ने ब्लड बैंक से पांच यूनिट खून निशुल्क उपलब्ध कराया। समय पर खून मिलने से मरीज को नई जिंदगी मिली।
अभी पहचान नहीं हो पाई
युवक की उम्र करीब 35 से 37 साल है। उसकी अभी पहचान नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दे दी है। ऑपरेशन के बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। अभी वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। डॉक्टरों को उम्मीद है कि उचित देखभाल से मरीज जल्द सामान्य वार्ड में शिफ्ट हो जाएगा।










